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बिहार में जानलेवा बनी ठंड: बच्चे की मौत से हड़कंप, जिला प्रशासन पर उठ रहे सवाल

Bihar News: बिहार में शीतलहर का कहर जारी है। बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड में ठंड से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक की लहर है। ठंड और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Dec 21, 2025, 11:51:36 AM

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में शीतलहर का कहर जारी है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य में बीते तीन दिनों से ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और असहाय लोगों पर पड़ रहा है। ठंड अब जानलेवा भी साबित होने लगी है।


इसी क्रम में बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत मेहरपुर हरिजन टोला में शुक्रवार की शाम ठंड से एक किशोर की मौत हो गई। मृतक की पहचान झखरा पंचायत के मेहरपुर गांव निवासी शेखर दास के 14 वर्षीय पुत्र बबुआ दास के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मृतक के घर मातम पसरा हुआ है।


परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की शाम बबुआ बहियार की ओर टहलने गया था। घर लौटने के बाद उसने सिर चकराने की शिकायत की और कुछ देर चारपाई पर लेट गया। इसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे तेज दर्द होने लगा। परिजन जब तक उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, तभी वह आंगन में गिरकर बेहोश हो गया।


आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से उसे उसकी मां के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शंभूगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।


ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के पिता शेखर दास की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। बबुआ तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसकी पढ़ाई बाधित हो गई थी। वार्ड सदस्य जीरा देवी, अनुपम दास सहित अन्य ग्रामीणों ने घटना पर शोक संवेदना व्यक्त की है।


शंभूगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि किशोर की मौत अस्पताल लाने से पहले ही हो चुकी थी। प्रथम दृष्टया ठंड के कारण मौत की आशंका जताई जा रही है।


उधर, जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह और रात के समय बढ़ती ठिठुरन से दिहाड़ी मजदूरों, बुजुर्गों, गरीबों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद बस स्टैंड, चौक-चौराहों, सीएचसी परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष ठंड के मौसम में प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस वर्ष अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। लोगों ने जिला प्रशासन से शीघ्र अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। समाजसेवियों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो ठंड से बीमारियों और मौतों का खतरा और बढ़ सकता है।