1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 21, 2026, 3:28:53 PM
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Indian Railways : भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी (IRCTC) ने खाने के पैकेटों पर QR Code लगाने की शुरुआत कर दी है। इस नई तकनीक के जरिए यात्री अपने भोजन की पूरी जानकारी सिर्फ एक स्कैन में हासिल कर सकेंगे।
दरअसल, लंबे समय से यात्रियों की शिकायत रही है कि ट्रेन में मिलने वाला खाना कई बार बासी, ठंडा या खराब गुणवत्ता का होता है। कई मामलों में यह भी देखा गया कि बिना किसी लाइसेंस के अवैध वेंडर स्टेशन और ट्रेनों में खाना बेचते हैं, जिससे यात्रियों की सेहत पर खतरा मंडराता रहता है। इन समस्याओं को खत्म करने के लिए रेलवे ने यह डिजिटल पहल शुरू की है।
अब जब भी यात्री को ट्रेन में खाना मिलेगा, उस पैकेट पर एक QR Code प्रिंट होगा। जैसे ही यात्री अपने स्मार्टफोन से इस कोड को स्कैन करेंगे, उनके सामने खाने से जुड़ी पूरी जानकारी खुल जाएगी। इसमें खाना बनने का समय, पैकिंग की तारीख, एक्सपायरी और जिस किचन में इसे तैयार किया गया है, उसका नाम शामिल होगा। इससे यात्रियों को यह भरोसा मिलेगा कि उनका भोजन ताजा और सुरक्षित है।
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अवैध वेंडिंग पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी। बिना QR Code वाले खाने के पैकेट को यात्री आसानी से पहचान सकेंगे और ऐसे वेंडरों से बच पाएंगे। रेलवे ने अपने अधिकृत बेस किचनों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं और कुछ जगहों पर लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा दी गई है, जिससे खाने की तैयारी की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि वेंडरों की जवाबदेही भी तय होगी।
रेलवे का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब यात्रियों को खाने की गुणवत्ता को लेकर बहस या शिकायत करने में परेशानी नहीं होगी। यदि QR Code स्कैन करने पर जानकारी गलत मिलती है या खाना खराब निकलता है, तो यात्री तुरंत रेलवे की ऐप या ‘रेल मदद’ पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि शिकायत के साथ डिजिटल सबूत भी मौजूद होगा, जिससे कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सकेगी।
इस नई सुविधा से यात्रियों का रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था काफी राहत देने वाली साबित हो सकती है। अब उन्हें यह चिंता नहीं सताएगी कि जो खाना वे खा रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं।
QR Code सर्विस के 4 बड़े फायदे (Quick Points):
ताजगी की पहचान: यात्री जान सकेंगे कि खाना कब बना और कितनी देर पहले पैक किया गया।
अवैध वेंडिंग पर रोक: बिना QR Code वाले पैकेट तुरंत पहचाने जा सकेंगे।
लाइव किचन एक्सेस: कुछ किचनों की लाइव कुकिंग प्रक्रिया भी देखी जा सकेगी।
त्वरित शिकायत: गड़बड़ी मिलने पर डिजिटल सबूत के साथ तुरंत शिकायत संभव।
कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे की यह पहल यात्रियों के सफर को न केवल सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य और विश्वास को भी नई मजबूती देगी। अब अगली बार जब आप ट्रेन में सफर करें, तो खाने से पहले उसका QR Code जरूर स्कैन करें।