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प्रशासन की अनुमति के बाद एयरक्राफ्ट की लैंडिंग, कोलकाता एयरपोर्ट से 8 यात्री पहुंचे बेगूसराय के उलाव एयरपोर्ट

बेगूसराय के उलाव हवाई पट्टी पर शनिवार को एवर डेलिवर लॉजिस्टिक्स के एयरक्राफ्ट की सफलतापूर्वक लैंडिंग हुई। जिला प्रशासन ने 8 यात्रियों वाले इस विमान को लैंडिंग की अनुमति दी थी।

1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Jul 19, 2025, 8:28:17 PM

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संभावनाओं की उड़ान - फ़ोटो REPOTER

BEGUSARAI: बेगूसराय जिला प्रशासन ने 19 जुलाई, 2025 को उलाव हवाई पट्टी पर एवरडेलिवर लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड (ELPL) के एयरक्राफ्ट PC12VT-SKJ की लैंडिंग के लिए अनुमति प्रदान की। यह अनुमति कंपनी के एकाउंट मैनेजर एस. मुखर्जी द्वारा 7 जुलाई, 2025 को मांगी गई थी।


दरअसल जिला प्रशासन ने उलाव हवाई पट्टी पर एक एयरक्राफ्ट के लैंडिंग की अनुमति प्रदान की, जो कोलकाता एयरपोर्ट से प्रस्थान कर 10 बजे पूर्वाह्न में उलाव एयरपोर्ट पर उतरा। इस एयरक्राफ्ट में 8 यात्री सवार थे, जो बाद में 02:00 बजे अपराह्न में कोलकाता के लिए रवाना हो गए। जिला प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, जिनमें एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और सुरक्षा के लिए पुलिस बल शामिल थे। बता दें कि बेगूसराय एयरपोर्ट, जिसे उलाव एयरपोर्ट भी कहा जाता है, एक छोटा एयरपोर्ट है जो बेगूसराय जिले में स्थित है। 


बेगूसराय जिला प्रशासन द्वारा उलाव हवाई पट्टी पर एयरक्राफ्ट की लैंडिंग की अनुमति देना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। यह हवाई अड्डा बिहार सरकार के स्वामित्व में है और वर्तमान में यहां कोई नियमित उड़ानें नहीं हैं। इस हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई 2527 फीट है, जो छोटे विमानों के लिए उपयुक्त है। 


बेगूसराय में हवाई अड्डे के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था और उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है, खासकर बरौनी रिफाइनरी, पेप्सी प्लांट, सुधा डेयरी और थर्मल पावर स्टेशन जैसे बड़े उद्योगों के लिए। इसके अलावा, सिमरिया धाम जैसे धार्मिक स्थलों के कारण पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।


हवाई अड्डे के विकास की योजनाएं के तहत बिहार सरकार बेगूसराय में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना बना रही है, जो क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी में सुधार कर सकता है। सरकार ने उलाव हवाई अड्डे के स्थल अध्ययन के लिए 40.75 लाख रुपये की राशि निर्धारित की है, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा।