1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 07, 2025, 4:33:46 PM
हत्या से सनसनी - फ़ोटो REPOTER
BEGUSARAI: बिहार के बेगूसराय जिले में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है। जिले के सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में मोहम्मद तारीफ नामक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि युवक को उसकी प्रेमिका के परिजनों ने पहले अगवा किया, फिर तीन दिनों तक घर में बंधक बनाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की और छत से नीचे फेंक दिया।
गंभीर रूप से घायल मोहम्मद तारीफ का इलाज पिछले 25 दिनों से एक निजी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित भीड़ ने शव को लेकर कर्पूरी स्थान चौक पहुंचकर मुख्य सड़क को जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परिजनों का आरोप है कि मोहम्मद तारीफ का डुमरी गांव निवासी एक युवक की बेटी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 9 जून को इस बात की जानकारी लड़की के घरवालों को लगी, जिसके बाद उन्होंने तारीफ को अगवा कर अपने घर में तीन दिनों तक बंदी बनाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। पिटाई के बाद उसे जान से मारने की नीयत से छत से नीचे फेंक दिया गया।
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना की एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। उल्टा आरोपी खुलेआम घूमते रहे और पीड़ित परिवार को धमकाते रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस जांच के नाम पर रिश्वत मांग रही थी और कार्रवाई में टालमटोल कर रही थी।
युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ कर्पूरी स्थान चौक पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सड़क को जाम कर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
हालात की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना और सिंघौल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। बाद में सदर डीएसपी सुबोध कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। यदि समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता और कार्रवाई होती, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था और लगातार आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर रही थी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर बिहार में प्रेम-प्रसंग से जुड़े अपराधों और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।