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Bihar News: गेम के चक्कर में घर से 100KM दूर भाग गए बच्चे, माँ-बाप से कहा "कॉपी-कलम खरीदकर आते हैं"

Bihar News: बिहार के भागलपुर में चौथी कक्षा के दो बच्चे ऑनलाइन गेम के टास्क को पूरा करने के लिए घर से भागकर पश्चिम बंगाल के फरक्का पहुंच गए। पुलिस ने रात में बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 01, 2025, 12:43:49 PM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जहां ऑनलाइन गेम की लत ने दो छोटे बच्चों को खतरनाक स्थिति में डाल दिया। महज 10-11 साल की उम्र के चौथी कक्षा के दो छात्र चंचल राज और आशीष एक ऑनलाइन गेम में मिले टास्क को पूरा करने के चक्कर में घर छोड़कर 100 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के फरक्का पहुंच गए थे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने तुरंत कार्रवाई की और बच्चों को रविवार देर रात सकुशल बरामद कर लिया।


यह घटना पीरपैंती प्रखंड के हरदेवचक और धुनियाचक गांवों की है। 28 जून को चंचल और आशीष ने अपने घरवालों से कहा कि वे कॉपी-पेन खरीदने जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद वे लापता हो गए। जांच में पता चला कि दोनों बच्चे एक ऑनलाइन गेम के किसी ‘लीडर’ के निर्देश पर पहले भागलपुर के हनुमान मंदिर के पास किसी से मिलने गए थे। जिसके बाद पता नहीं कैसे और क्यों वे रेलवे स्टेशन चले गए और वहां खड़ी मालदा-फरक्का पैसेंजर ट्रेन में चढ़कर भागलपुर से फरक्का पहुंच गए।


फरक्का पहुंचने के बाद बच्चों ने अपने स्कूल यूनिफॉर्म को फेंक दिया और नए कपड़े ले लिए ताकि वे गेम के टास्क को पूरा करने के लिए भटक सकें। परिजनों ने बच्चों के गायब होने की शिकायत दर्ज की जिसके बाद पीरपैंती पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर इसकी जांच शुरू की। बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया और रेलवे स्टेशनों पर साझा की गईं। रात करीब 1:30 बजे आरपीएफ ने फरक्का में बच्चों को ढूंढ निकाला और स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया।


एसडीपीओ अर्जुन कुमार गुप्ता ने इस बारे में बात करते हुए बताया है कि यह घटना ऑनलाइन गेम्स की लत की गंभीरता को दर्शाती है। बच्चों के इस तरह के खतरनाक कदम उठाने से समाज को समय रहते सबक लेने की जरूरत है। माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए क्योंकि ऑनलाइन गेम्स के अनियंत्रित उपयोग से बड़े और गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।