1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Mar 18, 2026, 12:08:44 PM
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Bihar News: खनन विभाग के दो इंस्पेक्टरों की संपत्ति जांच होगी. निगरानी विभाग ने इसके लिए पत्र लिखा है. शिकायतकर्ता से इस संबंध में शपथ देने को कहा गया है, ताकि जांच की गाड़ी आगे बढ़ाई जा सके. दरअसल, दोनों इंस्पेक्टरों के खिलाफ सेवा काल में अवैध संपत्ति अर्जित करने की शिकायत निगरानी विभाग से की गई थी. इसके बाद विशेष कार्य पदाधिकारी ने शिकायतकर्ता को पत्र लिखा है.
खनन इंस्पेक्टर चंदन पांडेय-चंदन कुमार पर गंभीर आरोप
निगरानी विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी डेजी ईरानी ने भोजपुर जिला ट्रक एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष अजय यादव से शिकायत के संबंध में शपथ पत्र देने को कहा है. 17 मार्च को लिखे पत्र में विभाग के ओएसडी ने कहा है कि वैशाली के खनन इंस्पेक्टर चंदन पांडेय और बेगूसराय के खनन इंस्पेक्टर चंदन कुमार के संबंध में जो शिकायत की गई है, उसका शपथ पत्र और प्रमाण दें. विभाग ने कहा है कि आप जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे, इसका शपथ दें. साथ ही अगर आपके पास साक्ष्य हो तो वो भी दें. इसके लिए एक महीने की समय सीमा तय की गई है.
अवैध वसूली के गंभीर आरोप, विभाग से लेकर निगरानी तक शिकायत
बता दें, भोजपुर जिले में पदस्थापन के दौरान खनन विभाग के इंस्पेक्टरों पर गंभीर आरोप लगे थे. वसूली की शिकायत मिली थी. इसके बाद विभाग के वरीय अधिकारियों से लेकर निगरानी से शिकायत दर्ज कराई गई.वसूली मामले में भोजपुर में जांच चल रही है, जिसमें खनन इंस्पेक्टर चंदन की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. हालांकि तत्कालीन खनन इंस्पेक्टर जो वर्तमान में वैशाली में पदस्थापित हैं, उन्होंने शिकायतकर्ता को ही सेट कर लिया है,ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके. हालांकि वो मामला अभी भी जांच में है.
यूपी के ट्रक मालिक ने भोजपुर के खनन इंस्पेक्टर की शिकायत की थी
भोजपुर जिले के तत्कालीन खान निरीक्षक चंदन कुमार पर यूपीआई के माध्यम से लगभग 4 लाख 40 हजार रू लेकर ट्रक छोड़ने के आरोप लगे. उत्तर प्रदेश के एक ट्रक मालिक राम प्रताप सिंह ने खान निरीक्षक चंदन कुमार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. चंदन कुमार व अन्य पर आरोप था कि लाखों रुपए यूपीआई के माध्यम से लेकर जब्त ट्रक को छोड़ा गया. शिकायत के बाद भोजपुर जिलाधिकारी ने जांच टीम का गठन किया और खनन निरीक्षक के खिलाफ लगे आरोपों की गहनता से जांच कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन मांगा था. हालांकि वर्तमान में खनन निरीक्षक चंदन कुमार स्थानांतरित होकर वैशाली चले गए हैं.
शिकायतकर्ता के खाते से 1 लाख भेजे जाने की पुष्टि....
जांच टीम में भोजपुर के वरीय उप समाहर्ता मो. मोइद जिया, साईबर थाने के डीएसपी शामिल थे. जांच दल में शामिल पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष भोजपुर साइबर थाना ने 7 और 25 जनवरी 2026 को आरोपित खनन निरीक्षक चंदन कुमार के द्वारा अवैध वसूली से संबंधित तकनीकी प्रतिवेदन वरीय उप समाहर्ता मो. मोईद जिया को सौंपा, जिसमें बैंक/ यूपीआई लेनदेन से संबंधित विवरण था. परिवादी (ट्रक मालिक) राम प्रताप सिंह ने बैंक खाता में यूपीआई के माध्यम से पैसा लेने का आरोप लगाया था. इन आरोपों की जांच कराई गई . खाताधारक सन्नी कुमार सिंह के खाते में अलग-अलग यूपीआई/ बैंक खाता से पैसे का हस्तांतरण किया गया था. जांच में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता (ट्रक मालिक) के खाते से 25 अप्रैल 2024 को खाताधारक सन्नी कुमार सिंह के खाते में ₹100000 व अन्य के खाते से भी बड़ी राशि आई थी. इस तरह से उस दिन आरोपी खनन निरीक्षक के शागिर्द के खाते में 3 लाख 80 हजार की राशि भेजी गई थी. खाताधारक ने उक्त राशि को चेक एवं एटीएम के माध्यम से अलग-अलग तारीख में निकासी किया.
भोजपुर जिलाधिकारी को भेजी गई है रिपोर्ट
9 फरवरी 2026 को भोजपुर जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में जांच अधिकारी (वरीय उप समाहर्ता) ने स्पष्ट किया है कि पुलिस उपाध्यक्ष साइबर थाना की रिपोर्ट से स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि चंदन कुमार तत्कालीन खाना निरीक्षक भोजपुर, उनके ड्राइवर व सैप जवान के बैंक/ यूपीआई में कोई राशि हस्तांतरित की गई है या नहीं . जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कॉल के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि चंदन कुमार के मोबाइल नंबर से उक्त खाता धारक के मोबाइल पर बातचीत नहीं हुई है.साथ ही एक कॉमन मोबाइल नंबर पर भी बातचीत नहीं हुई है.
शिकायतकर्ता ने कहा- अब हमें खान इंस्पेक्टर से शिकायत नहीं, केस वापस ले रहे
जांच रिपोर्ट में वरीय उप समाहर्ता मोहम्मद मोईद जिया ने उल्लेख किया है कि परिवादी ट्रक मालिक राम प्रताप सिंह एवं आरोपित चंदन कुमार तत्कालीन खाना निरीक्षक भोजपुर को कार्यालय में उपस्थित होकर पक्ष रखने को कहा गया. जिसमें दोनों ने अपना-अपना पक्ष रखा और जांच से संबंधित दस्तावेज समर्पित किया. परिवादी राम प्रताप सिंह द्वारा जो पक्ष रखा गया उसमें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, साथ ही आरोपित खाना निरीक्षक, ड्राइवर व सैप जवान के साथ उनके द्वारा किए गए बैंक खाता, यूपीआई से ट्रांसफर से संबंधित साक्ष्य नहीं दिया. इसी बीच 10 जनवरी 2026 को परिवादी (ट्रक मालिक) ने कार्यालय में उपस्थित होकर एक शपथ पत्र दिया. जिसमें शपथ कर्ता ने कहा कि खनन अधिकारी से कोई द्वेष नहीं है, साथ ही खनन अधिकारी के खिलाफ की गई शिकायत को समाप्त करने का अनुरोध किया.
साइबर डीएसपी ने शिकायत वापस लेने का शपथ पत्र देने पर केस दर्ज करने की थी सिफारिश
वही, जांच टीम में शामिल पुलिस अधीक्षक साइबर थाना ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि परिवादी द्वारा जांच में आवश्यक सहयोग नहीं किया गया. शपथ पत्र के माध्यम से परिवाद वापस लेने का पत्र दिया गया है. ऐसे में इनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिक दर्ज करना अनुसंधान करना आवश्यक प्रतीत होता है.