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Bihar Flood: बिहार में फल्गु नदी की तबाही, नालंदा-जहानाबाद संपर्क बाधित; नौ तटबंध टूटे

Bihar Flood: बिहार के फल्गु नदी में देर रात झारखंड से रिकॉर्ड मात्रा में पानी आने के बाद जल संसाधन विभाग ने नालंदा, जहानाबाद और गया जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। भारी जल प्रवाह के कारण तीनों जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गया हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 24, 2025, 7:20:10 AM

Bihar Flood

बिहार में बाढ़ अलर्ट - फ़ोटो GOOGLE

Bihar Flood:बिहार के फल्गु नदी में देर रात झारखंड से रिकॉर्ड मात्रा में पानी आने के बाद जल संसाधन विभाग ने नालंदा, जहानाबाद और गया जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। भारी जल प्रवाह के कारण तीनों जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गया हैं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में नदी का पानी गांवों और खेतों में घुस गया है, जिससे लाखों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं।



फल्गु नदी के आसपास के इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। नालंदा जिले के कम से कम 9 स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहीं कई जगहों पर जमींदारी बांधों में दरारें आ गई हैं। लोकाइन और मुहाने नदियों में भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे बाढ़ की स्थिति और भयावह हो गई है। जहानाबाद जिले के मिल्कीपर गांव के पास एकंगरसराय-जहानाबाद मुख्य सड़क पर फल्गु नदी का चार फीट पानी बह रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। इससे नालंदा और जहानाबाद के बीच सीधा संपर्क कट गया है।


एकंगरसराय और हिलसा प्रखंड के लगभग 12 गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। लोग अपने मकानों की छतों, स्कूलों, और अन्य ऊंचे स्थलों पर शरण लेने को मजबूर हैं। करीब 10,000 की आबादी इस आपदा से प्रभावित हुई है। एकंगरसराय के मंडाछ-मीनाबाजार रोड में लालबाग के पास कटाव होने से 6 गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है। हिलसा-पभेड़ी मार्ग पर रेडी पुल, दामोदरपुर और शोहरापुर गांव के पास सड़क पर दो फीट पानी बह रहा है, जिससे बाजार और अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं से संपर्क टूट गया है।


फटे तटबंधों और बाढ़ के पानी के फैलाव के कारण हजारों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसान बर्बादी की कगार पर हैं। कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 50 करोड़ से अधिक की फसल क्षति की संभावना जताई गई है। विभाग जल्द ही राहत और मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हैं। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा रहा है। जगह-जगह राहत शिविर और भोजन केंद्र खोले जा रहे हैं। हालांकि, लगातार बारिश और जलस्तर में वृद्धि के चलते राहत कार्यों में कई बाधाएं आ रही हैं।


गया, नालंदा और जहानाबाद के 20 से अधिक गांवों में 30,000 से ज्यादा लोग इस बाढ़ से प्रभावित हैं। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और जलजमाव वाले इलाकों से दूर रहें, और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें।