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गयाजी में बालू खनन से गांवों पर बढ़ा खतरा, बाढ़ की आशंका से सहमे ग्रामीण; सरकार से लगाई गुहार

Bihar News: गयाजी के बाराचट्टी में बालू खनन से गांवों पर खतरा मंडराने लगा है. गहरे गड्ढों और बाढ़ की आशंका से डरे ग्रामीणों ने प्रशासन से रोक लगाने की मांग की है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 06, 2026, 6:01:08 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar News: गयाजी जिले के बाराचट्टी प्रखंड में बालू खनन को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मंझौली घाट के आसपास बसे मंझौली, खैरात गंगवार, सखोवा और कुंडल गांव के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खनन विभाग की देखरेख में हो रहा बालू उठाव उनके गांवों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।


ग्रामीण बताते हैं कि बालू उठाव स्थल गांव से महज 50 मीटर की दूरी पर है। इसी रास्ते से बच्चे, बुजुर्ग और मवेशियों का रोजाना आना-जाना होता है। ऐसे में गहरे गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि 15 से 18 फीट अधिक बालू की खुदाई की जा रही है। इससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें डूबकर लोगों और मवेशियों की मौत तक हो चुकी है।


मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत यहां करीब 5 हजार पौधे लगाए गए थे। अब खनन के कारण इन पौधों को या तो काटा जा रहा है या गड्ढों में गिरकर नष्ट हो रहे हैं। इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। 


उनके मुताबिक, आसपास के करीब पांच गांवों के लिए बना शवदाह स्थल भी खनन की जद में आ गया है। इसे तोड़ा जा रहा है। इससे लोगों की धार्मिक आस्था भी आहत हो रही है। यही नहीं विरोध करने पर ग्रामीणों को डराया जा रहा है। उनका कहना है कि आवाज उठाने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। इससे गांव में भय का माहौल है। 


इस विषम स्थिति से परेशान ग्रामीण सोमवार को गया समाहरणालय पहुंचे। यहां जिला पदाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। साथ ही बालू उठाव पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने  चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

रिपोर्ट- नितम राज, गयाजी