1st Bihar Published by: Dheeraj Kumar Updated Dec 17, 2025, 12:48:46 PM
बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar News: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत एक बार फिर जमुई जिले से सामने आई है। शराबबंदी के बावजूद नशे की हालत में मारपीट और हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला झाझा थाना क्षेत्र के ढिबा गांव का है, जहां मंगलवार देर रात शराब के नशे में दो युवकों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
जानकारी के मुताबिक, शराब के नशे में धुत एक युवक ने दूसरे युवक पर लाठी, ईंट और पत्थर से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान घायल युवक को पुलिसकर्मियों द्वारा कंधा देकर उठाकर अस्पताल ले जाते हुए वीडियो सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस का मानवीय चेहरा तो दिखता है, लेकिन साथ ही यह शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।
डायल 112 की टीम घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, झाझा लेकर पहुंची। यहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शादाब अहमद ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार घायल की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज की जरूरत है।
घटना को लेकर घायल के जीजा सुनील मांझी ने बताया कि गांव का ही हेमन मांझी और उनका साला दोनों शराब के नशे में थे। किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में तब्दील हो गई। आरोप है कि हेमन मांझी ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लाठी, ईंट और पत्थर से हमला किया।
पीड़ित पक्ष ने झाझा थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दे दी है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। एक ओर नशे में हिंसा की घटना सामने आई है, तो दूसरी ओर घायल को कंधा देकर अस्पताल पहुंचाती पुलिस की भूमिका ने मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई है।