1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 22 Dec 2025 02:07:05 PM IST
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Bihar government : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज मुजफ्फरपुर में अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जमीन से जुड़े एक मामले में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और हर तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना उस समय सामने आई जब जमीन से जुड़े विवाद में स्थानीय अधिकारीयों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी। मंत्री ने मौके पर उपस्थित CO (Circle Officer) को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, “पहले मुझे यह बताइए कि आपको दरमाहा कौन देता है।” यह सवाल साफ तौर पर अधिकारियों की जवाबदेही और उनके कार्यों में पारदर्शिता को लेकर था।
इसके बाद मंत्री ने इस अंचल के DCLR (District Collector Land Records) को निर्देश दिया कि इस मामले में RO (Revenue Officer) से स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी की मंशा सही नहीं लग रही है और यदि उचित जवाब नहीं मिलता है तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार या लापरवाही करने वालों के लिए अब कोई छूट नहीं होगी।
उन्होंने डीएम (District Magistrate) को भी निर्देश दिया कि दलालों और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों की फोटो CCTV के जरिए निकाल कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। मंत्री का यह संदेश साफ था कि प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्री की यह कार्रवाई बिहार में जमीन के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कुछ वर्षों में भूमि विवाद और अवैध कब्जे की घटनाएं बढ़ती रही हैं, जिससे आम जनता में असंतोष पैदा हुआ था। मंत्री सिन्हा का यह कड़ा रुख इस दिशा में एक सशक्त संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि उन्हें जनता के हित में कार्य करना होगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर नजर रखी जाएगी। मंत्री की इस सख्त चेतावनी के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों में अनुशासन बनाए रखने के लिए गंभीर नजर आ रहे हैं।
इस मामले में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अधिकारी मंत्री के निर्देशों का पालन कैसे करते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। बिहार सरकार का यह कदम साफ तौर पर यह संदेश दे रहा है कि अब भ्रष्टाचार और लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।