Patna road repair : 30 दिनों के भीतर चकाचक होंगी पटना की 11 सड़कें, पथ निर्माण विभाग ने तैयार किया मास्टर प्लान

पटना में पथ निर्माण विभाग ने 11 सड़कों की मरम्मत की मंजूरी दी। 1.61 करोड़ रुपये की लागत से यह काम 15-30 दिनों में पूरा होगा, जिससे ट्रैफिक और धूल-मिट्टी की समस्या कम होगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 03 Feb 2026 09:05:59 AM IST

Patna road repair : 30 दिनों के भीतर चकाचक होंगी पटना की 11 सड़कें, पथ निर्माण विभाग ने तैयार किया मास्टर प्लान

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Patna road repair : पटना के पथ निर्माण विभाग ने शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर दी है। विभाग ने जिले की 11 जर्जर सड़कों की मरम्मत की योजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 1.61 करोड़ रुपये है और इसे 15 से 30 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लागू होने से न केवल शहर के व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक की समस्या कम होगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवाजाही आसान हो जाएगी।


मरम्मत का कार्य पटना सिटी प्रमंडल की निगरानी में किया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य मानसून और भारी ट्रैफिक से पहले सड़कों को गड्ढा मुक्त करना और दुर्घटनाओं को कम करना है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोगों के समय की भी बचत होगी और धूल-मिट्टी जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी।


पहले चरण में व्यस्त सड़कों पर फोकस

इस योजना का फर्स्ट फेज विशेष रूप से शहर के व्यस्त इलाकों की सड़कों पर केंद्रित रहेगा। इसमें एनएच-30 फोरलेन से पुनाडीह-बैरिया रूट, पटना-गया स्टेट हाईवे (SH-1) से जुड़े डंपिंग यार्ड रोड और एनएच-30 बाइपास से मरचा-मार्च पथ शामिल हैं। इन पांच सड़कों को एक महीने के भीतर पूरी तरह से मरम्मत करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का मानना है कि इन सड़कों के सुधार से ट्रैफिक जाम और धूल-मिट्टी की समस्या में महत्वपूर्ण कमी आएगी।


दूसरे चरण में ग्रामीण और शहरी कनेक्शन की मरम्मत

सेकंड फेज में उन सड़कों पर ध्यान दिया जाएगा जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ती हैं। इसमें कंसारी-डुमरी-राजघाट पथ (SH-78) और देवकुली से बीबीपुर तक जाने वाले रास्तों के विभिन्न हिस्सों की मरम्मत शामिल है। इसके अलावा शहर के भीतर जगनपुरा-चिपरा मार्ग और बिस्कोमान गोलंबर से विकास कॉलोनी तक जाने वाली सड़कों की भी हालत सुधारी जाएगी। इन छह सड़कों को केवल दो हफ्तों के भीतर चकाचक करने का लक्ष्य रखा गया है।


लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही स्मूथ होगी। ट्रैफिक जाम में कमी, सड़क दुर्घटनाओं की संभावना में कमी और समय की बचत सहित लोगों को कई लाभ होंगे। पथ निर्माण विभाग और पटना सिटी प्रमंडल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।


इस बुनियादी ढांचे के सुधार से न केवल पटना के शहर बल्कि उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को आराम मिलेगा। विभाग ने कहा है कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से पटना की सड़कें अब गड्ढा मुक्त और सुरक्षित होंगी, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों के लिए जीवन और यात्रा दोनों आसान हो जाएगा।