Bihar News: 10 दिनों से लापता मासूम का खेत में मिला शव, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप; पूरे इलाके में सनसनी

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर जिले के चैनपुर चौड़ में 7 वर्षीय ऋषिकेश कुमार का शव क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पाया गया। बच्चे के हाथ-पैर कटे हुए और शरीर क्षत-विक्षत था। पूरे गांव में मातम और तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 2:58:46 PM

Bihar News: 10 दिनों से लापता मासूम का खेत में मिला शव, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप; पूरे इलाके में सनसनी

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Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। करजा थाना क्षेत्र के चैनपुर चौड़ में रविवार को 7 वर्षीय मासूम बच्चे का शव अत्यंत वीभत्स अवस्था में मिलने से गांव में हड़कंप मच गया। यह वही बच्चा था जो पिछले 10 दिनों से लापता था। शव की हालत इतनी भयावह थी कि उसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। बताया जा रहा है कि हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्चे के हाथ और पैर के पंजे तक काट दिए थे। 


जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान चैनपुर पछियारी गांव निवासी अशोक सिंह के 7 वर्षीय पुत्र ऋषिकेश कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, ऋषिकेश 27 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे घर के पास स्थित शिव मंदिर के पास अपने दोस्तों के साथ खेलने गया था। गांव में मंदिर के पास बच्चे अक्सर खेलते रहते थे, इसलिए परिवार को शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ। लेकिन जब देर शाम तक ऋषिकेश घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। उन्होंने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला।


काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, तो उसकी मां सोनी देवी ने करजा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। प्राथमिकी में बताया गया कि लापता होने के समय ऋषिकेश ने काले रंग का इनर और फुल पैंट पहन रखा था। परिवार और ग्रामीण लगातार बच्चे की तलाश में जुटे रहे, लेकिन 10 दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच रविवार को गांव के कुछ लोगों ने चैनपुर चौड़ के पास एक अज्ञात शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी।


सूचना मिलते ही करजा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। जैसे ही शव को करीब से देखा गया, वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। शव बुरी तरह सड़-गल चुका था और शरीर के कई अंग क्षत-विक्षत थे। पुलिस के अनुसार, बच्चे के हाथ और पैर के पंजे कटे हुए थे, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद पहचान छुपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को चौड़ में फेंक दिया गया था।


शव की पहचान होते ही गांव में मातम छा गया। जैसे ही यह खबर ऋषिकेश के घर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। मृतक की मां सोनी देवी और पिता अशोक सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, ऋषिकेश चार बहनों के बीच इकलौता भाई था और परिवार की सारी उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। 


घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। पुलिस इस हत्याकांड के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले में शक के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।


फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और हत्या के तरीके के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।