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Bihar News: बिना शादी किए पत्नी के नाम पर उठा लोन, 70 ग्रामीणों को मिला तीन-तीन लाख का नोटिस; अब बैंक करेगा वसूली

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत कोदरिया और बसंत खरौना गांव में लोन फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों को बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के उनके नाम पर बैंक लोन जारी कर दिए गए हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 27, 2025, 7:16:58 AM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत कोदरिया और बसंत खरौना गांव में लोन फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों को बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के उनके नाम पर बैंक लोन जारी कर दिए गए हैं। अब बिहार ग्रामीण बैंक की गोबरसही शाखा ने 70 से अधिक ग्रामीणों को नोटिस भेजकर तीन-तीन लाख रुपये तक की बकाया राशि चुकाने की चेतावनी दी है। कुल लोन राशि 1.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।


नोटिस के अनुसार, यह लोन वर्ष 2017-2018 के बीच लिया गया था। बैंक के अनुसार, यह ग्रुप लोन था, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा लोन उठाए जाने पर पूरे समूह को उत्तरदायी माना गया है। बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक (ऑपरेशन हेड) अमित कुमार ने बताया कि "ग्रुप लोन की प्रकृति ऐसी होती है कि अगर किसी एक ने राशि ली है, तो पूरे समूह की जिम्मेदारी बनती है। सभी सदस्यों को नोटिस भेजा गया है।"


हालांकि, गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें इस लोन की कोई जानकारी नहीं थी, न ही उन्होंने कभी किसी कागज पर हस्ताक्षर किए। बसंत खरौना गांव के भगवानलाल सहनी को उनकी "पत्नी" के नाम पर लोन चुकाने का नोटिस मिला है, जबकि उन्होंने अभी शादी ही नहीं की है। भगवानलाल ने सवाल उठाया, "जब मेरी शादी ही नहीं हुई, तो मेरी पत्नी के नाम पर लोन कैसे जारी हो गया?" उन्होंने बैंक अधिकारियों पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए रकम गबन करने का गंभीर आरोप लगाया है।


बसंत खरौना के गणेश राय ने बताया कि उनके घर की तीन बहुओं के नाम पर तीन-तीन लाख रुपये का लोन दिखाया गया है। वहीं, चुन्नु कुमार की पत्नी कविता देवी के नाम पर दो अलग-अलग लोन जारी किए गए हैं, जिनका कुल बकाया छह लाख रुपये बताया गया है।


नोटिस मिलने के बाद भयभीत ग्रामीणों ने पहले बैंक में शिकायत की, लेकिन जब कोई समाधान नहीं मिला तो सैकड़ों लोग संगठित होकर करजा थाना पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।


बताया जा रहा है कि बैंक ने 20 अगस्त तक राशि जमा करने का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया गया। अगर ग्रामीण तय समय पर लोन नहीं चुकाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें संपत्ति कुर्की, बैंक खाता फ्रीज और गिरफ्तारी तक के आदेश शामिल हो सकते हैं।