1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 22 Dec 2025 01:49:07 PM IST
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Bihar Revenue Minister : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जमीन से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकारी जमीन में गलत तरीके से दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) किया गया या किसी भी तरह की हेराफेरी की कोशिश हुई, तो सिर्फ निलंबन या बर्खास्तगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।
विजय सिन्हा ने कहा कि राजस्व और भूमि सुधार विभाग उन्हें यूं ही नहीं सौंपा गया है। सरकार और नेतृत्व ने सोच-समझकर यह जिम्मेदारी दी है, ताकि जमीन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्ती से लगाम लगाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा, “कान खोलकर सुन लें, पाप करने वाला कोई भी बचेगा नहीं। जमीन में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन राज्य की संपत्ति है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सीधे-सीधे जनता के हक पर डाका डालने के समान है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर यह शिकायत मिल रही है कि कुछ अंचल अधिकारी (CO) और कर्मचारी मिलीभगत कर सरकारी जमीन का गलत तरीके से दाखिल-खारिज कर रहे हैं या रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
विजय सिन्हा ने कहा कि अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ यह साबित होता है कि उसने जानबूझकर सरकारी जमीन का गलत म्यूटेशन किया है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जरूरत पड़ी तो विजिलेंस जांच कराई जाएगी और दोष सिद्ध होने पर उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा, “सिर्फ डिसमिस करना ही पर्याप्त नहीं है, ऐसे लोगों को सबक सिखाना जरूरी है, ताकि आगे कोई ऐसी हिम्मत न करे।”
हालांकि मंत्री ने यह भी साफ किया कि सरकार सिर्फ दंड देने की नीति पर ही नहीं चलेगी। जो अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से काम करेंगे, जमीन से जुड़े मामलों को पारदर्शी तरीके से निपटाएंगे और आम जनता को राहत पहुंचाएंगे, उन्हें पुरस्कार भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि सिस्टम में सकारात्मक माहौल बने।
विजय सिन्हा ने कहा कि जमीन विवाद बिहार की एक बड़ी समस्या है और इसका मूल कारण वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था और भ्रष्टाचार है। अब सरकार का लक्ष्य है कि भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और आम लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इसके लिए तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है और साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है। यदि कोई यह सोचता है कि पुराने तरीके से काम चलता रहेगा, तो वह गलतफहमी में है। सरकार की नजर हर अंचल और हर फाइल पर है। जमीन से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई होगी।