1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 04, 2026, 8:36:49 PM
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Bihar News: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। देश के गृह मंत्री अमित शाह बुधवार सुबह 10 बजे पटना पहुंचेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं। इस वजह से शाह का पटना आगमन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह के इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। खास तौर पर राज्यसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की रणनीति पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इसी दिन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में पटना का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नजर आएगा।
राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री पद को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसमें भाजपा की भूमिका अहम मानी जा रही है।
अमित शाह का पटना दौरा केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा करेंगे। उनके इस दौरे के दौरान भाजपा और जदयू के बीच समन्वय को लेकर भी महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। खासकर तब, जब दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सूत्रों की मानें तो अमित शाह पटना पहुंचने के बाद सीधे पार्टी नेताओं और सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के समर्थन और रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद वे नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे, जहां नितिन नवीन और संभवतः नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा। इससे सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं और भाजपा को राज्य में नेतृत्व की भूमिका मिल सकती है। वहीं, जदयू के भीतर भी नए नेतृत्व को लेकर हलचल बढ़ सकती है।
इधर, विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। राजद और कांग्रेस जैसे दल इस संभावित बदलाव को लेकर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। विपक्ष का मानना है कि यह सब राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है और इसका असर आगामी चुनावों पर भी पड़ेगा।
कुल मिलाकर, अमित शाह का यह पटना दौरा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ भविष्य के राजनीतिक समीकरणों की दिशा भी इसी दौरे से तय होती नजर आ रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर क्या आधिकारिक ऐलान होता है और बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।