1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 24, 2026, 7:56:30 PM
पंडारक थाने में केस दर्ज - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA:पटना के बाढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां मोकामा विधायक बाहुबली अनंत सिंह और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के समर्थकों के बीच लड़ाई मामले में पंडारक थाने में केस दर्ज किया गया है।
पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, उनके भाई कन्हैया और बहनोई माधव कुमार उर्फ खन्ना सिंह सहित 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कांड संख्या 46/26 पंडारक थाने में दर्ज हुआ है। इनके ऊपर अनंत सिंह के समर्थक शोभीर उर्फ सुमित ने गला दबाकर और गले में गमछा डालकर हत्या करने की कोशिश का आरोप लगाया।
पटना में इलाज करा रहे शोभीर उर्फ सुमित ने पुलिस को बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह का समर्थन किया था। इसी वजह से सूरजभान सिंह, कन्हैया और खन्ना सिंह ने गले में गमछा डालकर हत्या करने की कोशिश की। इस दौरान मारपीट भी की गयी। शोभीर की शिकायत के बाद पंडारक थाने में हत्या का प्रयास सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।
गौरतलब है कि 22 फरवरी दिन रविवार को मोकामा के विधायक बाहूबली अनंत सिंह और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के समर्थकों के बीच लड़ाई हुई थी। अनंत सिंह के समर्थक शोभीर उर्फ सुमित और उसके भाई अमित कुमार ने सूरजभान सिंह, कन्हैया सिंह, खन्ना सिंह सहित अन्य लोगों पर जान लेवा हमला किये जाने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद मोकामा विधानसभा चुनाव रंजिश का घाव एक बार फिर ताजा हो गया।
अनंत सिंह के समर्थक अमित कुमार ने घटना वाले दिन यह बताया था कि उसके भाई शोभीर को लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही थी। सूरजभान सिंह के बहनोई खन्ना सिंह एवं अन्य लोगों ने मिलकर उनके भाई शोभीर को बंधक बना लिया और मारपीट की। उन लोगों ने मेरे भाई शोभीर को गले में फांसी लगाने की भी कोशिश की। लेकिन शोभीर इस दौरान किसी तरह वहां से बचकर भाग निकला। लोगों ने उसका पीछा किया लेकिन वह हाथ नहीं आया।
वहां से बच निकलने के बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिए पंडारक पीएचसी ले जाया गया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बाढ अनुमंडलीय अस्पताल रेफर किया. वहां से भी उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। वही घायल शोभीर के भाई अमित ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की मौत हो गयी थी। हम दोनों भाई अनंत सिंह के समर्थन में खड़े थे, इसलिए हमें फंसाया गया। उस केस के बाद अब जान से मारने की धमकी दिया जा रहा है।
वही घायल शोभीर के भाई अमित ने बताया कि माधव कुमार उर्फ खन्ना सिंह, उनका बेटा मिट्ठू, तिशू कुमार, विकास कुमार अनिल सिंह एक हमारे चचेरे बड़े भाई संजय सिंह ने हमला किया है। हम दोनों भाई अनंत सिंह के कार्यकर्ता हैं। दुलारचंद जी वाले घटना में हम लोगों का कोई हाथ नहीं था लेकिन इसके बावजूद मेरे तीन भाईयों को नामजद आरोपी बना दिया गया। इन लोगों ने मेरी गाड़ी पर भी स्कॉर्पियों चढ़ाने की कोशिश की। जब मैं अपने भाई को देखने अस्पताल जा रहा था तभी मुझ पर भी जानलेवा हमला पंडारक में किया गया।
अमित ने घटना वाले दिन यह भी बताया था कि इस संबंध में पंडारक थाने को सूचना दे दिये हैं, अभी हम भाई के इलाज में हैं। इसलिए अभी थाने को आवेदन नहीं दिये हैं। डीएसपी साहब और ग्रामीण एसपी अपराजित लोहान को भी इसकी सूचना दिये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान उस वक्त मेरे भाई पर वीणा देवी की गाड़ी का शीशा तोड़ने का आरोप लगा था। वही चुनावी रंजिश को लेकर मेरे भाई को लोग मारना चाहते हैं।
वही पंडारक थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने रविवार को ही यह बताया कि सूरजभान सिंह के बहनोई खन्ना जी के ऊपर परिजन आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव हत्या मामले में घायल शोभीर पर आरोप लगा था। उसके तीन भाईयों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। आज जो मामला सामने आया है कि इसमें एफआईआर दर्ज कर विधि संवत कार्रवाई की जाएगी। घटना के दो दिन बाद मंगलवार को इस मामले में पंडारक थाने में केस दर्ज कराया गया है। सूरजभान सिंह, कन्हैया सिंह और खन्ना सिंह सहित 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।