1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2026, 6:09:20 PM
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Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक 25 साल की विवाहिता की जान ले ली। गलत तरीके और जल्दबाजी में जबरन डिलिवरी कराने के कारण महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्चे की हालत फिलहाल सुरक्षित बताई जा रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
यह मामला पीयर थाना क्षेत्र के बंगाही गांव का है। मृतका की पहचान बाबूलाल राम की 25 वर्षीय पुत्री रूबी देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार की रात रूबी को हल्का पेट दर्द हुआ था। इसे सामान्य प्रसव पीड़ा समझते हुए परिजनों ने नजदीक के एक झोलाछाप चिकित्सक मनजीत राम को बुला लिया, जो नूनफारा कैला गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
परिजनों का आरोप है कि मनजीत राम एक स्थानीय दाई के साथ मौके पर पहुंचा और बिना किसी जांच, उपकरण या मेडिकल सुविधा के ही प्रसव कराने की कोशिश करने लगा। बताया जा रहा है कि दोनों ने मिलकर जबरदस्ती रूबी के पेट पर दबाव डालना शुरू कर दिया, ताकि जल्दी डिलिवरी कराई जा सके। इस दौरान महिला दर्द से तड़पती रही, लेकिन उसकी स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया।
कुछ ही देर में रूबी की हालत बिगड़ने लगी और उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख झोलाछाप चिकित्सक घबरा गया और आनन-फानन में उसे सरफुद्दीनपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन वहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
परिजन रूबी को मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रसव का समय अभी पूरा नहीं हुआ था, इसके बावजूद झोलाछाप ने जल्दबाजी में गलत तरीके से डिलिवरी कराने की कोशिश की, जिससे यह दुखद घटना हुई। उनका कहना है कि अगर समय रहते सही डॉक्टर और अस्पताल का सहारा लिया जाता, तो रूबी की जान बच सकती थी।
मृतका की मां मिल्की देवी और अन्य परिजनों ने पुलिस को बताया कि रूबी की शादी करीब तीन साल पहले वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र निवासी मुकेश राम से हुई थी। वह चार दिन पहले ही अपने मायके आई थी और परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पीयर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
पीयर थानेदार कुंदन कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी झोलाछाप फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भी काफी आक्रोश है। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना