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Bihar Board 10th Exam: बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का आज 5वां दिन, चार दिनों में इतने छात्र निष्कासित; विद्यार्थियों को एग्जाम से वंचित किए जाने पर घमासान

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के पांचवें दिन विज्ञान विषय की परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हो रही है। अब तक 22 परीक्षार्थी कदाचार के आरोप में निष्कासित किए जा चुके हैं। वहीं छात्रों को परीक्षा स वंचित किए जाने से सवाल उठ रहे हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 21, 2026, 7:30:05 AM

Bihar Board 10th Exam

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Bihar Board 10th Exam: बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा का शुक्रवार को पांचवां दिन है। आज दोनों पालियों में विज्ञान (साइंस) विषय की परीक्षा आयोजित की जा रही है। पटना समेत राज्य के सभी जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है हालांकि परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


पटना जिले में करीब 71 हजार परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में लगभग 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। पहली पाली में करीब 7.58 लाख और दूसरी पाली में लगभग 7.54 लाख परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।


पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक आयोजित होती है। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति है, जबकि 9:00 बजे गेट बंद कर दिए जाते हैं। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होती है। 


इसके लिए प्रवेश दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक दिया जाता है और 2:00 बजे गेट बंद कर दिए जाते हैं। प्रशासन ने सभी छात्रों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सके।


कदाचार पर बोर्ड की ओर से सख्ती बरती जा रही है। अब तक चार दिनों में कुल 22 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया जा चुका है। पहले दिन 5, दूसरे दिन 6, तीसरे दिन 5 और चौथे दिन 6 परीक्षार्थियों को विभिन्न जिलों से बाहर किया गया। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कदाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षा जांच को पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से परीक्षार्थियों को जूता और मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र पर आने से मना किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रवेश में परेशानी हो सकती है। 



बता दें कि परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को बिहार बोर्ड की परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। विपक्ष ने इस मामले को लेकर विधानसभा से लेकर विधान परिषद में आवाज उठाई और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। विपक्षी दल इसको लेकर सरकार पर हमलावर बने हुए हैं और इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं।