1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 09, 2026, 12:42:55 PM
- फ़ोटो
Bihar News : बिहार में संचालित ईंट भट्ठों द्वारा टैक्स भुगतान में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। खान एवं भूतत्व विभाग की हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि राज्य में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे समय पर सरकार को टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इस वजह से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विभागीय समीक्षा में सामने आया कि बिहार में करीब छह हजार से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। लेकिन इनमें से केवल लगभग 3200 भट्ठों ने ही सरकार को समय पर पूरा टैक्स जमा किया है। वहीं करीब 2800 ईंट भट्ठों ने अब तक एक रुपये का भी टैक्स जमा नहीं किया है। इतनी बड़ी संख्या में भट्ठों द्वारा टैक्स नहीं चुकाने की स्थिति ने खान एवं भूतत्व विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों के अनुसार टैक्स भुगतान में इस तरह की लापरवाही से राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। विभाग का कहना है कि यदि सभी भट्ठे समय पर टैक्स जमा करें तो सरकार की आय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। यही कारण है कि अब विभाग इस मामले में सख्ती बरतने की तैयारी में है।
खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों के खान निरीक्षकों और खनन विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित ईंट भट्ठों की स्थिति की विस्तृत जांच करें। अधिकारियों को कहा गया है कि टैक्स भुगतान से जुड़े सभी रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा की जाए और जिन भट्ठों ने टैक्स जमा नहीं किया है, उनका तत्काल निरीक्षण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को भट्ठों के संचालन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह देखा जाएगा कि भट्ठों के पास वैध लाइसेंस है या नहीं और वे नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं टैक्स चोरी की कोई कोशिश तो नहीं की जा रही है।
विभाग ने अधिकारियों को यह भी सतर्क रहने को कहा है कि कई मामलों में ईंट भट्ठों को कागजों पर बंद दिखाया जाता है, जबकि जमीन पर उनका संचालन जारी रहता है। ऐसे मामलों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को भौतिक निरीक्षण करने और वास्तविक स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
खान एवं भूतत्व विभाग के मुताबिक टैक्स नहीं देने वाले सभी ईंट भट्ठों की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर भट्ठों का निरीक्षण करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा जाएगा कि भट्ठों के पास संचालन की वैध अनुमति है या नहीं और वे तय मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण के बाद वास्तविक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाए। इस पूरी प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए 15 मार्च तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन ईंट भट्ठों द्वारा अब तक टैक्स जमा नहीं किया गया है, उनसे बकाया राशि की वसूली के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ऐसे भट्ठों पर जुर्माना लगाया जा सकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
विभाग का कहना है कि राज्य में नियमों के पालन और सरकारी राजस्व को सुरक्षित रखने के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी ईंट भट्ठे निर्धारित नियमों के तहत काम करें और समय पर टैक्स जमा करें, ताकि राज्य के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राजस्व उपलब्ध हो सके।