1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 09, 2026, 1:10:06 PM
- फ़ोटो
BIHAR NEWS : पटना में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राजधानी में बन रहा बिहार का दूसरा इंटरनेशनल स्टैंडर्ड हॉकी स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और अधिकारियों का लक्ष्य है कि मार्च महीने के भीतर इसका मुख्य निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। स्टेडियम बन जाने के बाद पटना में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मैच आयोजित करने की दिशा में रास्ता खुल जाएगा।
यह आधुनिक हॉकी स्टेडियम पटना के राजेंद्र नगर स्थित फिजिकल कॉलेज की खाली जमीन पर बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 8.44 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बिहार अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) को दी गई है। स्टेडियम की लंबाई 99 मीटर और चौड़ाई 60 मीटर रखी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैदान के मानकों के अनुरूप है।
नीदरलैंड से मंगाया गया एस्ट्रोटर्फ
स्टेडियम की सबसे खास बात यह है कि इसमें अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार एस्ट्रोटर्फ लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इसके लिए नीदरलैंड से पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ मंगाई गई है। यह वही तकनीक है जिसका इस्तेमाल दुनिया के बड़े हॉकी मैदानों में किया जाता है। एस्ट्रोटर्फ लगने से खिलाड़ियों को बेहतर ग्रिप, तेज गति और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों जैसा अनुभव मिलेगा।
राजगीर में बने इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम की तरह पटना के इस मैदान में भी आधुनिक एस्ट्रोटर्फ बिछाया जाएगा। इससे बिहार के खिलाड़ियों को राज्य के भीतर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी और उन्हें अभ्यास के लिए बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी।
खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्टेडियम में खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मैदान में स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे एस्ट्रोटर्फ को सही तरीके से बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे यहां रहकर नियमित अभ्यास कर सकें।
इसके साथ ही मैदान के आसपास वार्म-अप के लिए अलग से जगह बनाई जा रही है। खिलाड़ियों के लिए आधुनिक चेंजिंग रूम, फ्लडलाइट्स और अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। फ्लडलाइट्स लगने के बाद यहां रात में भी अभ्यास और मैच आयोजित किए जा सकेंगे। वहीं दर्शकों के बैठने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
अभी इंटरनेशनल मैचों में लगेगा समय
हालांकि स्टेडियम का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है, लेकिन यहां तुरंत राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार मैदान पूरी तरह तैयार होने और सभी मानकों को पूरा करने में अभी करीब एक साल या उससे अधिक समय लग सकता है। इसके बाद ही यहां बड़े स्तर के टूर्नामेंट कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
दलदली जमीन पर बना आधुनिक स्टेडियम
जिस जगह पर यह स्टेडियम बनाया जा रहा है, वह जमीन पहले काफी दलदली थी और लंबे समय तक खेल गतिविधियों के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती थी। निर्माण से पहले इस इलाके में कई ट्रॉली मिट्टी डालकर जमीन को समतल और मजबूत बनाया गया। इसके बाद आधुनिक तकनीक की मदद से स्टेडियम का निर्माण शुरू किया गया। हालांकि अभी तक स्टेडियम तक सीधे पहुंचने के लिए उचित सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है, जिसे जल्द ही पूरा करने की योजना है।
बिहार में हॉकी को मिलेगा बढ़ावा
पटना में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड हॉकी स्टेडियम बनने से बिहार में हॉकी खेल को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी और राज्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो सकेगा। इसके साथ ही खेल प्रतिभाओं को निखारने और बिहार को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में यह स्टेडियम अहम भूमिका निभा सकता है।