1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Mar 14, 2026, 2:09:03 PM
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Bihar Education News: शिक्षा विभाग के एक भ्रष्ट अधिकारी को दंड मिला है. बिहार बोर्ड में पोस्टिंग के दौरान उक्त अधिकारी की रिश्वतखोरी का खुलासा हुआ था. निगरानी ब्यूरो ने उक्त अधिकारी को 50 हजार रू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. 10 सालों की सुनवाई के बाद अब जाकर उक्त अधिकारी जो सेवानिवृत हो गए हैं, उन्हें दंड दिया गया है.
50 हजार रू घूस लेते हुए थे गिरफ्तार
निगरानी ब्यूरो ने 20 मई 2015 को बिहार बोर्ड में पदस्थापित तत्कालीन उप सचिव सुनील कुमार को ₹50000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इस आरोप में सुनील कुमार को 11 जून 2015 के प्रभाव से निलंबित किया गया था. जेल से निकलने के बाद शिक्षा विभाग के उक्त अधिकारी के खिलाफ 12 अक्टूबर 2015 को विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया. इन पर आरोप था कि इनका कृत्य लोक सेवक नियमावली के खिलाफ है. इनके खिलाफ निगरानी थाने में 20 मई 2015 को केस दर्ज हुआ. इन्होंने परिवादी मदन बिहारी सिंह से लालजी सिंह सुदर्शन उच्च माध्यमिक विद्यालय तारनपुर का इंटरमीडिएट काउंसिल से संबद्धता प्रदान करने के लिए रिश्वत मांगा था. रिश्वत लेते निगरानी ब्यूरो ने इन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार भी किया.
भ्रष्ट अधिकारी की पेंशन राशि 100 फीसदी हुआ जब्त
विभागीय कार्यवाही में भ्रष्ट अधिकारी सुनील कुमार के खिलाफ आरोप पूर्णरूपेण सही पाए गए. लंबी सुनवाई के बाद अब विभाग ने दंड देने का निर्णय लिया है . सुनील कुमार जो वर्तमान में रिटायर हो गए हैं, इनके पेंशन को 100 फीसदी जब्त करने का निर्णय लिया गया है. शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार ने 13 मार्च 2026 को यह आदेश जारी किया है.