1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 28, 2026, 8:47:11 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में अब मंत्रियों, न्यायाधीशों और सरकारी अधिकारियों की यात्रा पहले से अधिक आरामदायक और लग्जरी होने जा रही है। राज्य सरकार ने सरकारी वाहनों की खरीद के लिए निर्धारित मूल्य-सीमा बढ़ा दी है, जिससे अब ये अधिकारी महंगी और आधुनिक सुविधाओं वाली गाड़ियों का उपयोग कर सकेंगे।
ऑटोमोबाइल बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। पहले मंत्रियों और उनके समकक्ष अधिकारियों को 30 लाख रुपये तक के वाहन खरीदने की अनुमति थी, जिसे अब बढ़ाकर 37 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, डीएम और उनके समकक्ष अधिकारियों के लिए यह सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 22 लाख रुपये कर दी गई है।
इस संबंध में वित्त विभाग की व्यय सचिव रचना पाटिल द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। सरकार ने वाहनों की खरीद के लिए कुल पांच श्रेणियां तय की हैं, जिसमें छोटे स्तर के अधिकारियों को भी अब बेहतर और प्रीमियम श्रेणी के वाहन मिल सकेंगे। जजों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी सीमा में बढ़ोतरी की गई है।
यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई प्रशासी पदवर्ग समिति की बैठक के बाद लिया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम पुरानी गाड़ियों को अपग्रेड करने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, आलोचक इसे सरकारी खर्च पर बढ़ती लग्जरी करार दे रहे हैं, जबकि सरकार इसे आवश्यक सुधार बता रही है।
नई व्यवस्था के तहत अब मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस, महिंद्रा एक्सयूवी 700 और टाटा सफारी जैसी प्रीमियम गाड़ियों का उपयोग कर सकेंगे। वहीं, जिला स्तर के अधिकारी और छोटे पदों पर तैनात कर्मी भी अब अधिक आधुनिक और आरामदायक वाहनों में यात्रा कर पाएंगे।