1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 23, 2026, 2:31:24 PM
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Bihar Fire Service : बिहार अग्निशमन विभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एम. सुनील नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना से गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश की टीम ने उनके सरकारी आवास, जो चिड़ियाघर के पास स्थित है, पर दबिश दी। इस दौरान पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। गिरफ्तार करने के बाद नायक को सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड की मांग को रिफ्यूज कर दिया।
एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास न तो वारंट था और न ही केस डायरी, इसलिए कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। इसके अलावा, गिरफ्तारी के समय स्थानीय पुलिस को दी गई सूचना भी अदालत ने अहम माना।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला वर्ष 2021 का है, जब सुनील नायक आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर थे। उस समय उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू को गिरफ्तार किया था। सांसद ने आरोप लगाया था कि गिरफ्तारी के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया। इसी आरोप के आधार पर प्रकाशम जिले की पुलिस ने नायक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने का प्रयास किया गया, लेकिन नायक पेश नहीं हुए।
सुनील नायक वर्ष 2019 में आंध्र प्रदेश प्रतिनियुक्ति पर गए थे और लगभग तीन साल तक वहां तैनात रहे। वर्ष 2024 में तेलुगु देशम पार्टी की सरकार बनने के बाद वे अपने मूल कैडर बिहार लौट आए। वर्तमान में वे डिप्टी आईजी (अग्निशमन सेवा) के पद पर कार्यरत थे।
अधिकारियों के अनुसार, आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष से जुड़े कथित हत्या प्रयास और हिरासत प्रताड़ना मामले में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के समय उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में फायर सर्विस के जवान और होमगार्ड तैनात रहे।
प्रकाशम जिले की पुलिस ने नायक से काफी देर तक पूछताछ की और फिर उन्हें गिरफ्तार किया। इसके बाद पटना के सिटी एसपी ने उनके आवास का दौरा किया और उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उनकी सुरक्षा और प्रक्रिया की औपचारिकताओं को देखते हुए ट्रांजिट रिमांड देने से इंकार कर दिया।इस फैसले के बाद सुनील नायक फिलहाल कोर्ट की सुरक्षा में हैं और उनकी आगामी सुनवाई की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले से बिहार और आंध्र प्रदेश प्रशासन में हलचल बनी हुई है।