1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 05, 2025, 9:58:40 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार के गया-पटना रूट पर सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पांच अस्थायी ट्रेनों को अब स्थायी श्रेणी में डाल दिया है, यह निर्णय 4 अक्टूबर से प्रभावी हो चुका है। ये ट्रेनें पहले स्पेशल के रूप में चल रही थीं, लेकिन अब इन्हें नियमित सेवाओं का दर्जा मिल गया है, जिससे रोजाना हजारों लोगों को आसानी से यात्रा करने का मौका मिलेगा।
पूर्व मध्य रेलवे के हाजीपुर मंडल से जुड़े मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रेनों के पुराने नंबर बदल दिए गए हैं, लेकिन समय-सारिणी और स्टॉपेज में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। इससे सुबह-शाम के पीक आवर्स में जाम जैसी स्थिति से निजात मिलेगी। इन पांच ट्रेनों में दो गया-पटना, एक गया-पाटलिपुत्र, एक किऊल-मोकामा और एक पाटलिपुत्र-बलिया के बीच चलने वाली शामिल हैं।
नए नंबर इस प्रकार हैं: गया-पटना के लिए 53238/53237 और 53240/53239; गया-पाटलिपुत्र के लिए 63329/63330; किऊल-मोकामा के लिए 63331/63332; तथा पाटलिपुत्र-बलिया के लिए 63333/63334। अब यात्री इन्हीं नए नंबरों से टिकट बुक कर सकेंगे, चाहे वह आईआरसीटीसी ऐप हो या काउंटर। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया है, क्योंकि पहले अस्थायी नंबरों से बुकिंग में असमंजस रहता था।
गया-पटना खंड पर रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में अब रेलवे का यह कदम बिहार के व्यस्त रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाएगा, ट्रेनों के परिचालन में स्थिरता आने से अब सीट रिजर्वेशन, कोच की उपलब्धता और शेड्यूल की विश्वसनीयता बढ़ जाएगी। पहले अस्थायी ट्रेनों में कभी-कभी रद्दीकरण या देरी की समस्या रहती थी, लेकिन अब ये नियमित सेवाओं की तरह चलेंगी। स्टेशनों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, पूछताछ काउंटर और आरक्षण केंद्रों पर भी नए नंबरों को अपडेट करना शुरू हो गया है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे पुराने नंबरों से बुकिंग न करें, वरना टिकट अमान्य हो सकता है। यह फैसला न केवल दैनिक यात्रियों को लाभ देगा, बल्कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भीड़भाड़ को कम करने में मददगार साबित होगा। कुल मिलाकर, रेलवे की यह पहल बिहार के कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी। गया-पटना जैसे महत्वपूर्ण रूट पर ऐसी स्थायी सेवाएं आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी ट्रेनें स्थायी होंगी, ताकि हर यात्री को सहज सफर का अनुभव हो।