1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Mon, 22 Dec 2025 12:27:32 PM IST
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Bihar News: पथ निर्माण विभाग में मास्टिक वर्क का बड़ा गेम है. सड़क निर्माण को लेकर कैबिनेट से चार कैटेगरी तय किए गए हैं. पांचवा मास्टिक वर्क विभाग ने अपने स्तर से तय कर दिया. अब मास्टिक वर्क को लेकर बड़ा खेल चल रहा है. ठेकेदार और अभियंताओं की मिलीभगत से फर्जी तरीके से मास्टिक वर्क का प्रमाण पत्र जारी कराया जा रहा. हाल ही में एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है. पथ निर्माण विभाग ने एक ठेकेदार का फर्जी मास्टिक वर्क का प्रमाण पत्र पकड़ा है. इस आरोप में सर्टिफिकेट देने वाले कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पत्र लिखा गया है.
चार तरह के वर्क कैबिनेट से जबकि मास्टिक वर्क कमेटी से हुआ एप्रुव
पथ विभाग ने सड़क निर्माण को लेकर चार कैटेगरी तय किए हैं. बजाप्ता बिहार कैबिनेट से इसे तय किया गया है. सड़क निर्माण के लिए कंक्रीट वर्क, अर्थ वर्क, DBM और BC यानि बिटूमिनस कैटेगरी तय है. इन सबके अतिरिक्त अब मास्टिक वर्क का काम भी कराया जाने लगा है. हालांकि इसे बिहार कैबिनेट से मुहर नहीं लगी है. बल्कि पथ निर्माण विभाग की हाईलेवल कमेटी ने एप्रुवल दिया है. फरवरी 2019 में ही पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी ने मास्टिक वर्क कराने का एप्रुवल दिया था. इस कमेटी ने निर्णय लिया था कि सर्व सम्मति से निर्णय लिया जाता है कि हाल में हुए निविदाओं में मास्टिक के अनुभव को शेष बिटूमिनस कार्य से अलग रखा जाय. साथ ही भविष्य में होने वाली निविदाओं में भी जिन योजनाओं में मास्टिक ASPHALT की मात्रा बिटूमिनस सर्फेस क्षेत्रफल का 15 फीसदी से अधिक होने की स्थिति में मास्टिक ASPHALT के अनुभव को बिटुमिनस कार्य के अनुभव से अलग रखा जाय.
यहीं से शुरू हुआ मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट देने का खेल
अब जबकि पथ निर्माण विभाग की कमेटी ने मास्टिक ASPHALT का प्रावधान कर दिया. हालांकि इसे अभी तक कैबिनेट से इसपर मुहर नहीं लगी है. इसके बाद खेल शुरू हो गया है. फर्जी तरीके से मास्टिक वर्क का सर्टिफिकेट लेने-देने का धंधा जोरों पर शुरू है. कई ठेकेदारों ने फर्जी तरीके से मास्टिक वर्क का प्रमाण पत्र ले लिया,उस सर्टिफिकेट पर करोड़ों का काम मिल गया. हालांकि इस खेल में वैसे अभियंता पीस रहे, जो नियम सम्मत काम करना चाहते हैं. कैबिनेट से एप्रुव नहीं होने की वजह से जिम्मेदार अभियंता मास्टिक वर्क एप्रुव नहीं कर रहे, पर दबंग ठेकेदार उन पर दबाव डालकर योजना एप्रुव कराना चाहते हैं.
फर्जी प्रमाण पत्र देने का धंधा जोरों पर...
मास्टिक वर्क का सर्टिफिकेट देने में बड़ा खेल किया जा रहा है. बिना अनुभव के ही फर्जी प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं. अब फर्जी प्रमाण पत्र कैसे दिए जा रहे, यह बताने की जरूरत नहीं. मास्टिक वर्क का अनुभव प्रमाण पत्र देने के लिए बड़ी डील होती है. पथ निर्माण विभाग में फर्जी मास्टिक वर्क के फर्जी प्रमाण पत्र देने के कई कंप्लेन हैं. हालांकि विभाग ने कुछ शिकायतों पर तेजी तो कुछ पर सुस्सी बरतते दिखाई पड़ रही है. हाल ही में पथ निर्माण विभाग ने मास्टिक वर्क के फर्जी प्रमाण पत्र देने के एक बड़े मामले का खुलासा किया है.
मास्टिक कार्य का अनुभव प्रमाण पत्र देने में बड़ा खेल
ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को बिना अनुभव के ही मास्टिक वर्क कराने का अनुभव प्रमाण पत्र दे दिया. जांच में पोल खुली तो पथ निर्माण विभाग ने संबंधित कार्यपालक अभियंता पर एक्शन लेने को कहा है. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 4 दिसंबर 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा है. जिसमें लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को 4 अप्रैल 2025, 16 जनवरी 2025 के अलावे 2022 में भी अलग-अलग प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है. 7 जुलाई 2025 को इन पत्रों का सत्यापन किए जाने के बाद जारी किए गए अनुभव प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है . ऐसे में आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर, हमें जानकारी दें.
17 नवंबर को अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में 17 नवंबर को बैठक हुई थी. बैठक में पथ प्रमंडल लखीसराय के अंतर्गत एक सड़क की पुनर्निविदा की तकनीकी बीड़ को लेकर एक परिवाद प्राप्त हुआ था. जिसके बाद यह बैठक की गई . बैठक में एक ठेकेदार डी.के. ब्रदर्स ट्रेड con द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की गई. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (लखीसराय) के द्वारा 7 जुलाई 2025 एवं 28 अगस्त 2025 द्वारा भिन्न-भिन्न अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं. इसके लिए कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियंता प्रमुख ग्रामीण कार्य विभाग को भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था.
पथ निर्माण विभाग में कई शिकायत पेंडिंग..अब तक जांच नहीं
वैसे सिर्फ लखीसराय के ठेकेदार को ही मास्टिक वर्क कराने का अनुभव प्रमाण पत्र नहीं दिय़ा गया है, आरोप है कि, पथ निर्माण विभाग के भी कार्यपालक अभियंता ने पटना के एक बड़े ठेकेदार को यह प्रमाण पत्र बिना वर्क कराए ही जारी किया है. इस संबंध में मुजफ्फरपुर के एक संवेदक ने 5 सितंबर 2025 को ही पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन) को पत्र लिखकर इस बड़े खेल की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया था. साथ ही जांच कर कार्रवाई करने का आग्रह किया. हालांकि शिकायत के बाद आज तक कोई जांच नहीं की गई है.
पटना के एक ठेकेदार और अभियंता के गठजोड़ की शिकायत, अब तक जांच नहीं
मुजफ्फरपुर के ठेकेदार शैलेन्द्र कुमार की तरफ से 5 सितंबर 2025 को अभियंता प्रमुख को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि पटना के एक संवेदक को पटना के दो-तीन डिवीजन द्वारा फेक अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर सैकड़ों करोड़ का कार्य आवंटन किया गया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि OPRMC-2 का 2019 में जो कार्य आवंटित किए गए उसमें कार्य अनुभव प्रमाण पत्र जिस पथ प्रमंडल द्वारा जारी किया गया है, उसकी सत्यता की जांच की जाय. केवल मास्टिक कार्य के अनुभव के आाधार पर कार्य आवंटन कराया गया है.
सड़क निर्माण में क्या होता है मास्टिक वर्क....
सड़क निर्माण में Mastic Work बिटुमेन (डामर), खनिज भराव (जैसे चूना पत्थर), और समुच्चय (मोटे और महीन पत्थर) को मिलाकर बनाया गया एक विशेष, गर्म मिश्रण लगाने की प्रक्रिया है, जो सड़कों को बेहद टिकाऊ, जल-रोधी (waterproof) और टूट-फूट प्रतिरोधी बनाता है. ह अक्सर भारी यातायात वाली सड़कों और मरम्मत के लिए ऊपरी परत (wearing course) के रूप में इस्तेमाल होता है, जो दरारें भरने और जल निकासी सुधारने में मदद करता है, जिससे सड़क का जीवनकाल बढ़ता है।
संक्षेप में कहें कि, मास्टिक वर्क सड़क निर्माण का एक उन्नत तरीका है जो पारंपरिक डामर की तुलना में सड़क को अधिक मजबूत, जल-रोधी और लंबे समय तक चलने वाली सतह प्रदान करता है, खासकर उन जगहों पर जहाँ भारी यातायात और पानी का जमाव एक समस्या है।