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काली कमाई की अकूत दौलत पर पुलिस का शिकंजा: बिहार में 1300 कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्ती प्रक्रिया शुरू

बिहार पुलिस ने अपराध से अर्जित अकूत संपत्ति पर बड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राज्य के 38 जिलों से 1300 कुख्यात अपराधियों की पहचान कर उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। किशनगंज और नवादा में पहले चरण की कार्रवाई शुरू हो चुकी है

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 06, 2025, 6:48:26 PM

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धनकुबेरों की अब खैर नहीं - फ़ोटो GOOGLE

PATNA: बिहार पुलिस ने अपराध की काली कमाई से बनाई गई अकूत संपत्ति पर अब बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य के तमाम जिलों में ऐसे अपराधियों और उनकी संपत्ति की पड़ताल कर ली गयी है. पूरे राज्य में अब तक ऐसे 1300 कुख्यात अपराधियों की पहचान की गई है, जिनकी अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. पुलिस कह रही है कि इस अभियान का मकसद न सिर्फ अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है, बल्कि कानून के डर को कायम करना है. 


पहली कार्रवाई किशनगंज और नवादा से शुरू

पुलिस ने पहले चरण में किशनगंज जिले के तीन कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें ठाकुरगंज थाना के नगर पंचायत निवासी रहीमुद्दीन उर्फ हैबर, विशनपुर थाना के चांद हुसैन उर्फ चांद और सदर थाना के खगड़ा निवासी मो. कुर्बान शामिल हैं। पुलिस फाइल में कुख्यात अपराधियों के रूप में दर्ज इन तीनों की संपत्ति जब्त की जा रही है. इसी तरह, नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र के कुख्यात अपराधी अजय कुमार उर्फ दीपम उर्फ दीपक की संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। अजय कुमार का नाम  बालू के अवैध खनन में माफिया के तौर पर जाना जाता रहा है. 


कोर्ट से आदेश पर  कई जिलों में कार्रवाई

कोर्ट के आदेश पर पटना और जहानाबाद के एक-एक, गया और मुजफ्फरपुर के दो-दो अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की अनुमति दी जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही कोर्ट का आदेश मिल रहा है, वैसे अपराधियों की जमीन और अन्य संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें सरकारी नियंत्रण में लिया जाएगा।


तीन चरणों में होती है कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तीन स्तरों पर होती है. संबंधित एसडीपीओ अपने स्तर से अपराधियों और माफियाओं की संपत्ति का प्रारंभिक आकलन कर उसके सबूत जुटाते हैं. फिर वे संपत्ति की जब्ती का प्रस्ताव एसपी को भेजते हैं. एसपी खुद उस प्रस्ताव की जांच और पुष्टि करते हैं. इसके बाद कोर्ट के पास मामले को रखा जाता है. कोर्ट के स्तर पर अंतिम अनुमति जी जाती है.बिहार पुलिस के एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन के अनुसार, अब तक 279 अपराधियों के मामलों का प्रस्ताव कोर्ट को भेजा गया है, जिनमें से छह पर कार्रवाई का आदेश मिल चुका है.


किन जिलों में कितने अपराधी चिन्हित

•    पटना – 82

•    गया – 55

•    रोहतास – 49

•    मोतिहारी – 48

•    मुजफ्फरपुर – 43

•    भागलपुर – 43

•    मधुबनी – 42

•    नालंदा – 41

•    दरभंगा – 39

•    सारण – 36

•    समस्तीपुर – 35

•    वैशाली – 33

•    पूर्णिया – 32

•    सीवान – 27

•    बक्सर – 24

अन्य जिलों से भी प्रस्ताव तैयार कर भेजे जा रहे हैं।

पुलिस का सख्त संदेश

एडीजी कुंदन कृष्णन ने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित कोई भी संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि अदालत में ऐसे अपराधियों की पूरी अवैध संपत्ति का ब्योरा प्रस्तुत कर आदेश प्राप्त किया जा रहा है। आदेश मिलते ही जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। सभी जिलों को इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।