Bihar Circle Office Strike : आय-निवास, बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट से लेकर दाखिल-खारिज सहित 20 काम प्रभावित, पढ़िए क्या है मामला

बिहार में राजस्व विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से 537 अंचलों में 20 अहम सेवाएं ठप हो गई हैं। आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र और दाखिल-खारिज के काम प्रभावित।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 11, 2026, 9:56:47 AM

Bihar Circle Office Strike : आय-निवास, बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट से लेकर दाखिल-खारिज सहित 20 काम प्रभावित, पढ़िए क्या है मामला

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Bihar Circle Office Strike : बिहार में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जारी हड़ताल का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर साफ दिखाई देने लगा है। बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारियों में शामिल अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी और कर्मचारी संघ पिछले एक महीने से ज्यादा समय से हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के कारण राज्य के 537 अंचलों में राजस्व विभाग से जुड़े लगभग 20 महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं।


इसका सबसे ज्यादा असर छात्रों, नौकरी ज्वाइन करने वाले युवाओं और जमीन से जुड़े काम कराने वाले लोगों पर पड़ रहा है। आय, निवास, जाति, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


जानकारी के अनुसार, राजस्व कर्मचारी संघ 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।


ये 20 महत्वपूर्ण काम हो रहे प्रभावित

हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के कई अहम काम पूरी तरह से ठप हो गए हैं। इनमें जमीन और प्रमाणपत्र से जुड़े लगभग सभी प्रमुख कार्य शामिल हैं। प्रभावित कार्यों में दाखिल-खारिज, भू-लगान भुगतान, भू-अभिलेख प्राप्ति, विशेष भू-सर्वेक्षण, जमीन की मापी, परिमार्जन और राजस्व न्यायालय से जुड़े मामलों की सुनवाई शामिल है।


इसके अलावा भूमि उपयोग के प्रकार में परिवर्तन, राजस्व नक्शा उपलब्ध कराना, जमीन दखल-कब्जा प्रमाणपत्र जारी करना भी प्रभावित हो गया है। जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावेज भी फिलहाल नहीं बन पा रहे हैं। सरकार की कई योजनाओं से जुड़े काम भी प्रभावित हुए हैं। इनमें अभियान बसेरा 2.0, चकबंदी, कृषि गणना, जनगणना और अंचलों के निरीक्षण जैसे कार्य शामिल हैं।


छात्रों और युवाओं की बढ़ी परेशानी

राजस्व विभाग की सेवाएं बंद होने से छात्रों और युवाओं की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति और कॉलेज एडमिशन के लिए आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जरूरी होते हैं। हड़ताल के कारण ये दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं, जिससे छात्रों को आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। इसी तरह कई युवाओं को नई नौकरी ज्वाइन करने के लिए भी इन प्रमाणपत्रों की जरूरत होती है। दस्तावेज नहीं मिलने के कारण उनकी ज्वाइनिंग प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।


क्यों हड़ताल पर हैं राजस्व विभाग के कर्मचारी

राजस्व विभाग के अधिकारियों के दो प्रमुख संघ बिरसा और बिरसा यूनाइटेड हैं। इन संघों का कहना है कि बिहार राजस्व सेवा नियमावली के गठन के समय डीसीएलआर और डीएलएओ सहित कई पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति का प्रावधान था।


लेकिन बाद में नियमों में बदलाव कर इन पदों को बिहार प्रशासनिक सेवा (बासा) के अधिकारियों के लिए आरक्षित कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे राजस्व सेवा के अधिकारियों के प्रमोशन और करियर पर असर पड़ रहा है।


संघों के अनुसार, उनकी मांगों को लेकर 5 फरवरी को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इस बैठक में समस्या के समाधान को लेकर मौखिक सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लिखित रूप में लागू नहीं किया गया है। इसी कारण कर्मचारी हड़ताल जारी रखे हुए हैं।


डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की सख्त चेतावनी

राज्य सरकार ने इस हड़ताल को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री और भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर बैठे अधिकारियों को जल्द काम पर लौटने की चेतावनी दी है।मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि सरकार हड़ताल के दिनों की गिनती कर रही है। अगर अधिकारी जल्द काम पर वापस नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों की सेवाएं बाधित करना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।


फिलहाल हड़ताल जारी रहने से बिहार के लाखों लोगों के जरूरी काम अटके हुए हैं और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत से इस गतिरोध का समाधान कब निकलता है।