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बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना

Bihar Education News: बिहार में अप्रैल से 80 हजार सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए समेकित योजना लागू कर दी जाएगी.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 22, 2026, 1:28:51 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Education News: बिहार सरकार अप्रैल से प्रदेश के 80 हजार सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए एक समेकित योजना लागू कर रही है। इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी पंचायत और नगर निकाय स्तर पर नवगठित 8,902 स्कूल कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) को सौंपी गई है।


प्रदेश भर में कुल 8,902 स्कूल कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें से 8,827 सेंटर पंचायत स्तर पर हैं, जबकि शेष 75 नगर निकाय स्तर पर हैं। ये सभी सेंटर मार्गदर्शिका के अनुसार संचालित होंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि संकुल क्षेत्र के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा मिले। साथ ही संसाधनों, विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचे के आदान-प्रदान को सुगम बनाया जाएगा और शिक्षकों को शैक्षणिक मार्गदर्शन मिलेगा।


शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक स्कूल कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर का मुख्यालय पंचायत के उच्चतम विद्यालय में बनाया गया है। संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक सेंटर के व्यवस्थापक होंगे और पंचायत के मध्य विद्यालयों के वरिष्ठ प्रधानाध्यापक समन्वयक की भूमिका निभाएंगे।


योजना के तहत विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी। कक्षा की चुनौतियों का निराकरण किया जाएगा। हर स्कूल कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर में मासिक शैक्षणिक बैठकें होंगी, जिनमें समन्वयक स्कूलों का दौरा करेंगे, शिक्षकों को शिक्षण सुधार की प्रक्रिया से अवगत कराएंगे और आवश्यक सुझाव देंगे। इससे शिक्षक, छात्र और विद्यालय के बीच दूरी घटेगी तथा समुदाय के साथ मिलकर संयुक्त व्यावसायिक विकास कार्यक्रम बनाए जाएंगे।


सभी स्कूलों में शिक्षण-अधिगम सामग्री साझा की जाएगी, संयुक्त सामग्री तैयार होगी। योजना के तहत कला और विज्ञान प्रदर्शनी, खेल गतिविधियां, क्विज और डिबेट, मेले जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में भी सहायता प्रदान की जाएगी। संकुल समन्वयक शिक्षकों की मेंटरिंग करेंगे और मानव एवं अन्य संसाधनों का साझा उपयोग पंचायत के अन्य स्कूलों के लिए सुनिश्चित करेंगे।


पंचायत स्तर पर सभी स्कूलों के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण कर उन्हें लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।