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BIHAR TEACHER NEWS : शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अब बिहार में नहीं होगी BEO के पद पर बहाली ! ACS एस.सिद्धार्थ ने लिया फैसला

BIHAR TEACHER NEWS : बिहार में अब प्रखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनाती नहीं होगी इस को लेकर शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया। शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि अब सूबे के अंदर BEO के पद पर तैनाती नहीं होगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 22, 2025, 10:25:54 AM

BIHAR TEACHER NEWS : शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, अब बिहार में नहीं होगी BEO के पद पर बहाली ! ACS एस.सिद्धार्थ ने लिया फैसला

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BIHAR TEACHER NEWS : बिहार में शिक्षा विभाग के अंदर आए दिन कोई न कोई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग का दावा है कि इस तरह के प्रयास से राज्य के अंदर शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव देखने को मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में राज्य का नया मुकाम हासिल करेगा। इस बीच शिक्षा विभाग ने अब एक और नया आदेश जारी किया हैं। इसके मुताबिक राज्य के अंदर अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद पर बहाली नहीं होगी।बल्कि इनके जगह पर पर्यवेक्षीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति होगी।


शिक्षा विभाग के तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य के सभी जिलों के कुछ प्रखंडों में प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी(BEO)  का पद रिक्त है। ऐसे में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पद रिक्त होने से प्रखंड एवं जिला कार्यालय से समन्वय एवं विभागीय कायों में कठिनाई हो रही है। ऐसे में विभाग का यह निर्णय है कि प्रखंड में पदस्थापित पर्यवेक्षकीय स्तर के पदाधिकारी को अपने कार्यों के अतिरिक्त (वित्तीय अधिकार सहित) प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के रिक्त पदों पर नियमित / वैकल्पिक व्यवस्था होने तक प्रतिनियुक्त करना उचित होगा। लिहाजा,  उपरोक्त के संदर्भ में विभागीय हित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के रिक्त पदों पर उल्लेखित पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करने की कृपा की जाए।


मालूम हो कि, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) का काम, ब्लॉक स्तर पर शिक्षा का प्रशासन करना होता है. इसके लिए, वह शिक्षा का पर्यवेक्षण, निरीक्षण, मार्गदर्शन, और नियंत्रण करता है। इसके अलावा हितधारकों को शैक्षिक जानकारी देना, स्कूलों के सकारात्मक विकास के लिए काम करना,विस्तार शिक्षा अधिकारी की गतिविधियों पर नज़र रखना, तालुका के प्रारंभिक विद्यालयों का निरीक्षण करना और जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट देना। 


इसके साथ ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में मदद करना और सभी स्तरों पर प्राथमिक विद्यालयों को अध्ययन सामग्री और शिक्षण सहायक सामग्री मुहैया कराना काम होता है। लेकिन, पिछले कई सालों से इसकी बहाली रुकी हुई है। इस बीच शिक्षा विभाग का यह नया आदेश सामने आया है।