1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 24, 2026, 3:17:59 PM
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LALU YADAV : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रेलवे में “लैंड फॉर जॉब” घोटाला से जुड़े मामले में लालू यादव ने अदालत से यह मांग की थी कि इस मामले की जांच रद्द की जाए और उनके खिलाफ चल रही सीबीआई की कार्रवाई को रोका जाए। लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लालू यादव की याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और इसमें प्रस्तुत तर्क पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सिर्फ शक या असंतोष के आधार पर याचिका खारिज नहीं की जा सकती, लेकिन वर्तमान याचिका में अदालत को यह मानने का कोई कारण नहीं मिला कि जांच अवैध या अनुचित है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है।
रेलवे में लैंड फॉर जॉब घोटाला लंबे समय से चर्चा में रहा है। इस मामले में आरोप है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं ने रेलवे की जमीनों का गलत तरीके से फायदा उठाते हुए नौकरी के बदले जमीन के लेन-देन में गड़बड़ी की। लालू यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई जांच कई वर्षों से चल रही है। इस घोटाले ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही स्तरों पर हलचल मचाई थी।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस फैसले से लालू यादव और उनके समर्थकों के लिए चुनौती बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में लालू यादव कई आपराधिक और वित्तीय मामलों में संलग्न रहे हैं और इन मामलों में अदालतों के आदेश उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी की छवि पर असर डाल सकते हैं। अब दिल्ली हाईकोर्ट का यह निर्णय उनके खिलाफ चल रही जांच को और मजबूत करता है।
RJD पार्टी के नेताओं ने हालांकि कहा है कि लालू यादव निर्दोष हैं और अदालत का यह आदेश केवल प्रारंभिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पार्टी ने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की है और कहा कि लालू यादव इस मामले में कानूनी उपायों का पालन करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला भारतीय राजनीति में बड़े घोटालों की श्रेणी में आता है और इसके परिणाम व्यापक रूप से देखने को मिल सकते हैं। रेलवे भूमि के दुरुपयोग और नौकरी के नाम पर घोटाले का मामला न केवल कानूनी रूप से बल्कि जनता के दृष्टिकोण से भी गंभीर है।
इस फैसले के बाद अब सीबीआई अपनी जांच जारी रखेगी और अदालत के किसी अगले आदेश तक इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास संभव नहीं है। ऐसे में यह देखा जाना बाकी है कि लालू यादव और उनके वकील इस मामले में किस प्रकार की अगली कानूनी रणनीति अपनाते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश लालू यादव के राजनीतिक करियर के लिए एक चुनौतीपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि यह घोटाला वर्षों से सुर्खियों में है और जनता के बीच विवादित रहा है। इस मामले की अगली सुनवाई और जांच के परिणाम आने वाले महीनों में राजनीतिक और कानूनी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।