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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में सात विधायकों ने संस्कृत में ली शपथ, अब संस्कृत भारती करेगी सम्मानित

"बिहार विधानसभा में सात नवनिर्वाचित विधायकों ने संस्कृत में शपथ लेकर भारतीय ज्ञान-परंपरा को समृद्ध किया। संस्कृत भारती द्वारा सभी को सम्मानित किया जाएगा।"

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 03, 2025, 8:07:50 AM

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में सात विधायकों ने संस्कृत में ली शपथ, अब संस्कृत भारती करेगी सम्मानित

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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब सात नवनिर्वाचित विधायकों ने संस्कृत भाषा में शपथ लेकर भारतीय ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को एक विशिष्ट पहचान दिलाई। यह पहल न केवल भाषा के प्रति सम्मान को दर्शाती है, बल्कि समाज में संस्कृत के प्रति नई सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देती है। संस्कृत भारती ने इस अद्भुत परंपरा को आगे बढ़ाने वाले सभी सातों विधायकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।


संस्कृत भारती के अखिल भारतीय पदाधिकारी एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय ने इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा संस्कृत अपनाने से समाज में प्रेरक संदेश जाता है। उनके अनुसार, संस्कृत में शपथ लेने की यह परंपरा आने वाले वर्षों में और व्यापक होगी तथा अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों को इस गौरवशाली भाषा को आत्मसात करने की प्रेरणा मिलेगी।


वहीं संस्कृत भारती के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. रामसेवक झा ने बताया कि संगठन द्वारा विगत कई दिनों से ‘संस्कृते शपथग्रहणम्’ अभियान चलाया जा रहा था, जिसके तहत निर्वाचित विधायकों से संस्कृत में शपथ लेने का आग्रह किया गया था। इस आग्रह और सकारात्मक संवाद का परिणाम यह हुआ कि बिहार विधानसभा के अलग-अलग क्षेत्रों से सात विधायकों ने संस्कृत में शपथ लेकर भारतीय ज्ञान-परंपरा का गौरव बढ़ाया।


संस्कृत में शपथ लेने वाले विधायक

संस्कृत में शपथ ग्रहण करने वाले विधायकों में सोनवर्षा से रत्नेश सदा, पीरपैंती से मुरारी पासवान, रोसड़ा से वीरेंद्र कुमार, लालगंज से संजय कुमार सिंह, कटिहार से तारकिशोर प्रसाद, बैकुण्ठपुर से मिथिलेश तिवारी तथा जाले से जीवेश कुमार शामिल हैं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने संस्कृत में शपथ लेकर विधानसभा में एक अनोखा तथा गौरवपूर्ण वातावरण बनाया।


संस्कृत भारती ने बताया कि बहुत जल्द एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी सातों विधायकों को सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य संस्कृत के पुनरुत्थान के प्रयासों को जनस्तर पर प्रोत्साहित करना है, ताकि आने वाले समय में अधिक लोग और जनप्रतिनिधि इस दिशा में कदम बढ़ाएं।


इस अवसर पर संस्कृत भारती के पदाधिकारियों एवं संस्कृतप्रेमियों ने भी सातों विधायकों को बधाई दी है। इनमें प्रांत मंत्री डॉ. रमेश कुमार झा, संगठन मंत्री श्रवण कुमार, क्षेत्र मंत्री प्रो. श्रीप्रकाश पाण्डेय, सह मंत्री डॉ. अभिषेक कुमार, प्रशिक्षण प्रमुख देव निरंजन दीक्षित, विभाग प्रमुख डॉ. त्रिलोक झा, जिला संयोजक डॉ. अभय कुमार, डॉ. नयन तिवारी, डॉ. निकेश ठाकुर, डॉ. कुमुदानंद झा, डॉ. नंद किशोर झा बेचन, न्यासी सदस्य एवं संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा, डॉ. सुधीर कुमार झा सहित दर्जनों संस्कृतानुरागी शामिल हैं। सभी ने इस पहल को भारतीय संस्कृति, शिक्षा तथा परंपरा के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।