1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 21, 2026, 5:44:43 PM
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Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर स्थित विक्रमशिला सेतु के बगल में बन रहे समानांतर पुल का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से जारी है। हालांकि निर्माण के दौरान कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि नदी के बीच बने इस नए पुल के तीन पिलर सीधे नहीं बन पाए हैं और बाढ़ के दौरान तेज धारा के दबाव से उनके एक तरफ झुकने की आशंका जताई जा रही है।
इनमें से एक पिलर को सीधा करने के लिए उस पर भारी कंक्रीट और बोल्डर रखे गए हैं, ताकि धीरे-धीरे संतुलन ठीक किया जा सके। ये तीनों पिलर पानी की सतह से करीब 10 से 15 फीट ऊपर बने हुए हैं। झुके हुए पिलरों के पियर और कैंटिलीवर जैसे सब-स्ट्रक्चर का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जबकि अन्य पिलरों पर निर्माण कार्य जारी है।
गौरतलब है कि निर्माण में गड़बड़ी के कारण भागलपुर के सुल्तानगंज में तीन साल पहले निर्माणाधीन अगुवानी सेतु ध्वस्त हो चुका है। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि इस बार निर्माण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी, लेकिन अब तीन पिलरों में आई गड़बड़ी को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर ज्ञानचंद दास ने बताया कि इस तरह की समस्या निर्माण के दौरान सामान्य होती है। उन्होंने कहा कि पिलरों पर वजन डालकर उन्हें धीरे-धीरे सीधा किया जाता है और पानी के तेज बहाव व सतह में बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इससे पुल की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा और जल्द ही सब-स्ट्रक्चर व सुपर-स्ट्रक्चर का काम शुरू किया जाएगा।
करीब 26 वर्ष पुराने विक्रमशिला सेतु पर इस समय रोजाना 35 से 40 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। इसके समानांतर बन रहे चार लेन पुल के तैयार होने के बाद इस सेतु पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और एनएच-31 व एनएच-80 के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा।
वर्तमान में विक्रमशिला सेतु की सड़क, रेलिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि पिलरों की सुरक्षा दीवार भी टूट चुकी है। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। हाल ही में पुल निर्माण निगम के अभियंताओं की टीम ने सेतु का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि सेतु के मुख्य स्ट्रक्चर में कोई गंभीर खामी नहीं है और क्षतिग्रस्त हिस्सों को जल्द ठीक किया जाएगा।