1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 23, 2025, 5:17:59 PM
Samrat Choudhary - फ़ोटो FILE PHOTO
Samrat Choudhary : बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने हाल ही में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की ओर से लगाए गए आरोपों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे बार-बार अपनी वही बातें दोहरा रहे हैं जो पहले भी कई बार कह चुके हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि 1995 में एक गैंगवार की घटना के बाद लालू प्रसाद यादव ने उनके परिवार को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया था। उस दौरान उनके परिवार के 22 लोगों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी हस्तक्षेप किया था और तत्कालीन राज्य सरकार पर पेनाल्टी लगाई थी। इतना ही नहीं, सरकार को बाद में इसके लिए माफी भी मांगनी पड़ी थी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि वे इस विषय पर हमेशा से पारदर्शिता के साथ अपनी बातें रखते आए हैं और आज भी जनता के सामने वही सच दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस दौर में किस तरह से राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की गई, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद की सरकार ने उस समय विपक्ष को दबाने और डराने की नीयत से उनके परिवार पर झूठे मुकदमे दर्ज किए। लेकिन सत्य की जीत हुई और उनके परिवार के लोगों को न्याय मिला।
डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर को राजनीति में बयानबाजी करने से पहले तथ्यों की जानकारी हासिल करनी चाहिए। केवल लोकप्रियता पाने के लिए या सुर्खियों में बने रहने के लिए किसी के खिलाफ निराधार आरोप लगाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि वे राजनीति में नैतिकता और सच्चाई को सबसे बड़ा हथियार मानते हैं और झूठे आरोपों से डरने वाले नहीं हैं।
सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और पारदर्शिता के लिए रहा है। वे चाहते हैं कि बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी को सच्चाई से रूबरू कराया जाए, ताकि आने वाले समय में इतिहास दोहराया न जा सके। उन्होंने दोहराया कि उनके परिवार के साथ जो अन्याय हुआ, उसे उन्होंने बार-बार जनता के सामने रखा है और भविष्य में भी रखते रहेंगे।
इस तरह डिप्टी सीएम का बयान साफ करता है कि वे प्रशांत किशोर की आलोचना को गंभीरता से लेते हुए भी अपने पुराने अनुभवों और संघर्षों को ही आधार बनाकर जनता को संदेश देना चाहते हैं।