1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Fri, 19 Dec 2025 12:20:34 PM IST
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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कई सीट ऐसी थी, जिन पर हार-जीत का फासला महज कुछ ही वोटों का रहा. इनमें से एक है ढाका विधानसभा सीट। रिजल्ट के बाद से यह सीट काफी चर्चा में है. लोकसभा में भी इस विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम पर चर्चा हुई। ढाका सीट से राजद प्रत्याशी फैसल रहमान ने 178 वोटों से जीत दर्ज की.परिणाम घोषित होने के बाद बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया था। खुलासे हुए हैं कि जो मतदाता विदेश में हैं, उनके भी वोट डाले गए। इस आधार पर भाजपा प्रत्याशी ने हाईकोर्ट का रूख किया है. सवाल है कि क्या विदेश में बैठे व्यक्ति के नाम पर अगर वोटिंग हुई है तो क्या चुनाव रद्द हो सकते हैं ? कानून क्या कहता है ?
भाजपा प्रत्याशी ने हाई कोर्ट का किया है रूख
ढाका विस सीट पर हुए चुनावी रिजल्ट को लेकर बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। पवन जायसवाल द्वारा याचिका दायर करने के बाद क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। लोग आपस में पूछ रहे हैं कि क्या इस सीट पर फिर से विधानसभा चुनाव होगा? बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल ने अपनी याचिका में आरजेडी विधायक फैसल रहमान को मुख्य प्रतिवादी और इस सीट के रिटर्निंग अधिकारी, जिलाधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी पटना और चुनाव आयोग को सहायक प्रतिवादी बनाया है।
आरोप है...178 वोट से जीत मिली और 298 मत विदेश में रह रहे लोगों के नाम पर पड़े
बता दें, ढाका से राजद प्रत्याशी फैसल रहमान ने 178 वोटों से जीत दर्ज की थी। फैसल को 112727 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी पवन जायसवाल को 112549 वोट मिले थे। आरोप है कि 298 ऐसे व्यक्ति के नाम पर वोट डाले गए जो विदेश में रहते हैं. वोटिंग के दिन भी वे विदेश में थे. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति 178 वोटों से चुनाव जीता है,स्वाभाविक तौर पर फर्जी वोट के आरोप लगेंगे.
क्या कहता है कानून.....
भाजपा विधायक पवन जायलवाल ने फर्जी वोटिंग के आधार पर चुनाव जीतने का सवाल उठाया और चुनाव रद्द करने को लेकर पटना हाईकोर्ट पहुंच गए हैं. क्या फर्जी मतदान के आधार पर चुनाव रद्द हो सकते हैं ? कानून क्या कहता है? जानकार बताते हैं कि विदेश में मौजूद व्यक्ति का वोट पड़ना स्पष्ट और सिद्ध है “फर्जी मतदान हुआ है. इसे IPC 171D, 171F तथा Representation of the People Act (RPA), 1951 के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। क्या इस स्थिति में चुनाव रद्द हो सकता है ? दरअसल चुनाव 178 वोट से जीता गया और आरोप है कि 298 फर्जी वोटिंग हुई है. अगर फर्जी वोटिंग नहीं होती तो परिणाम कुछ और होते . RPA 1951 के अनुसार, यदि सिद्ध हो जाए कि बड़ी संख्या में फर्जी वोट डाले गए, और नतीजे पर उसका सीधा प्रभाव पड़ा हाईकोर्ट बड़ा फैसला ले सकता है. चुनाव रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश हो सकता है.
याचिकाकर्ता को साबित करना होगा- विदेश में रहने वाले के नाम पर डाले गए वोट
हारने वाला उम्मीदवार अगर इन स्थित में हाई कोर्ट में चुनाव रद्द करने की याचिका दायर करता है तो उसे विदेश यात्रा/इमिग्रेशन रिकॉर्ड, पासपोर्ट स्टैम्प, मतदाता सूची में दर्ज “वोट पॉल्ड” एंट्री, CCTV / बूथ रिकॉर्ड, BLO रिपोर्ट देने होंगे. तभी आप अपने आरोप साबित कर सकते हैं. भाजपा प्रत्याशी पवन जायसवाल ने पटना हाईकोर्ट में जो याचिका दाखिल की है, उसमें आरोप लगाया है कि फर्जी मतदान हुए हैं, विदेश में रह रहे लोगों के नाम पर मतदान कराए गए हैं, ऐसे में प्रमाण के आधार पर न्याय दिया जाय.
BJP प्रत्याशी पवन जायसवाल ने पटना हाईकोर्ट में जो याचिका लगाई है, उसमें सिर्फ विदेश में रह रहे लोगों के नाम पर ही वोट डाले गए, इसका ही उल्लेख नहीं नहीं किया है, बल्कि देश के अंदर रह रहे लोगों के नाम पर हुई फर्जी वोटिंग के भी आरोप लगाए हैं. याचिका में उल्लेख किया गया है कि 298 वोटर जो विदेश में थे, उनके वोट डाले गए. वहीं 45 मृत वोटरों ने भी वोट डाले. 41 वोटर दोहरे नाम वाले हैं, 1057 वोटर राज्य से बाहर हैं, इनलोगों ने शपथ दिया है कि वे राज्य से बाहर थे. वहीं 3 वोटर जेल में बंद हैं,उनके नाम पर भी फर्जी मतदान हुआ.