NEET student case : CBI ने तेज की जांच, मामा-मामी से पूछताछ; प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टरों से भी होगी इंक्वायरी; IO रौशनी को भी इन सवालों का देना होगा जवाब

NEET छात्रा केस में CBI ने जांच तेज कर दी है। मामा-मामी से पूछताछ, शम्भू गर्ल्स हॉस्टल और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के इलाज पर उठे गंभीर सवाल।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 20 Feb 2026 07:53:46 AM IST

NEET student case : CBI ने तेज की जांच, मामा-मामी से पूछताछ; प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टरों से भी होगी इंक्वायरी; IO रौशनी को भी इन सवालों का देना होगा जवाब

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NEET student case : नीट छात्रा से जुड़े मामले की जांच कर रही CBI ने जांच को और तेज कर दिया है। जांच एजेंसी ने छात्रा के परिवार और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। गुरुवार को CBI की टीम ने छात्रा के मामा से जहानाबाद में बातचीत की, वहीं मामी से गया में मामले को लेकर पूछताछ की गई।


CBI ने कदमकुआं थाना के निलंबित दरोगा हेमंत झा से भी करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई अहम सवाल किए गए, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की गई कि छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में एडमिट कराने की सूचना उन्हें कब और कैसे मिली, और सूचना मिलने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाए।


परिवार का कहना है कि वे शुरुआत से ही पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पर शक कर रहे थे। NEET छात्रा के चाचा ने कहा कि घटना के सारे रहस्य हॉस्टल के अंदर ही हैं। उन्होंने बताया कि CBI को पहले दिन ही यह जानकारी दी गई थी कि हॉस्टल संचालिका, उनका बेटा और वहां की वार्डन से पूछताछ की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।


परिवार ने CBI के सामने छात्रा के हॉस्पिटल में इलाज पर भी सवाल उठाए। चाचा के अनुसार, छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और वहां यूरिन का टेस्ट केवल 6 से 8 घंटे के अंदर करवाना था। लेकिन डॉक्टर ने टेस्ट 8 जनवरी को ही किया, जिससे सवाल उठते हैं कि अस्पताल की मेडिकल टीम ने ऐसा क्यों किया।


परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज में लापरवाही बरती और इस मामले के संदिग्धों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया। परिवार ने CBI से अपील की कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्स से पूछताछ की जाए। उनका दावा है कि दूसरे डॉक्टरों से क्रॉस चेक करने पर भी गलत इलाज की पुष्टि हुई है।इसके आलावा हॉस्टल की संचालिका ने थानेदार को पैसे का ऑफर भी दिया हैं। इसके इन तमाम बिन्दुओं पर जांच होनी चाहिए। 


सूत्रों के अनुसार, CBI ने सस्पेंड सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को अपने कार्यालय बुलाकर करीब 30 मिनट तक पूछताछ की। इस दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि सबसे पहले छात्रा को अस्पताल में एडमिट कराने की सूचना उन्हें कब और किसके माध्यम से मिली। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने किन कदमों का पालन किया और चित्रगुप्त नगर थाने को सूचना देने में देरी क्यों हुई।


CBI की जांच अब चित्रगुप्त नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर रानी कुमारी और थानेदार रौशनी कुमारी तक पहुंच रही है। यह टीम SIT की जांच को भी खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक, CBI की योजना है कि जल्द ही इन अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि केस के हर पहलू की जानकारी जुटाई जा सके।


मामले में जांच का फोकस अब तीन मुख्य बिंदुओं पर है – हॉस्टल में छात्रा के साथ हुई घटनाओं का सच, हॉस्पिटल में इलाज की प्रक्रिया और पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई में देरी। CBI परिवार के आरोपों और अस्पताल की कार्रवाई की समीक्षा कर रही है। इससे उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले की असलियत सामने आएगी।