1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 7:18:29 AM
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बिहार की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन कर चुके हैं और अब उनके बेटे निशांत कुमार के राजनीतिक जीवन की शुरुआत के चर्चे जोर पकड़ रहे हैं। निशांत कुमार आज दोपहर 1 बजे जदयू में शामिल होंगे और इसके बाद बिहार के विभिन्न जिलों और कस्बों का दौरा करेंगे।
जदयू के MLC नीरज कुमार ने बताया कि निशांत कुमार का यह दौरा पार्टी और जनता के बीच उनकी उपस्थिति और कनेक्शन बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस दौरान वे आम जनता से भी मिलेंगे और पार्टी के लिए समर्थन जुटाने का काम करेंगे। निशांत की पार्टी में एंट्री को लेकर पहले ही पार्टी नेताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। इससे पहले पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से यह मांग उठाई थी कि निशांत कुमार को भविष्य में मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए।
शनिवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर जदयू की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी शामिल हुए। बैठक में लगभग 24 विधायकों ने भाग लिया, जिनमें परिवहन मंत्री श्रवण कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता और युवा विधायक शामिल थे। इस बैठक में आगामी रणनीतियों और निशांत कुमार के राजनीतिक अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
निशांत कुमार के राजनीतिक कदमों से साफ हो रहा है कि वे सिर्फ पार्टी में शामिल होकर ही सीमित नहीं रहेंगे बल्कि बिहार के प्रत्येक हिस्से में जनता से सीधे जुड़कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाएंगे। उनके दौरे के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का समर्थन उन्हें राजनीतिक मजबूती देगा।
जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इच्छा के खिलाफ कोई भी कदम संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह निर्णय पूरी तरह नीतीश कुमार करेंगे। उनके मार्गदर्शन में ही निशांत कुमार की राजनीतिक पारी शुरू होगी।” इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि निशांत कुमार का राजनीतिक करियर पूरी तरह उनके पिता के राजनीतिक अनुभव और मार्गदर्शन पर निर्भर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि निशांत कुमार की पार्टी में एंट्री और बिहार का दौरा जदयू के लिए नई ऊर्जा लेकर आएगा। यह कदम पार्टी की छवि को युवा और जन-केंद्रित बनाएगा। साथ ही, पार्टी नेताओं की बैठक और विधायकों के समर्थन से यह संकेत मिलता है कि निशांत कुमार के लिए पार्टी नेतृत्व में ऊंची भूमिका की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।
इससे पहले, निशांत कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर लगभग 24 विधायकों के साथ बैठक कर अपनी सक्रियता दिखाई। इस बैठक में पार्टी की आगामी रणनीतियों, स्थानीय मुद्दों और जनता से जुड़ाव पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि निशांत की इस तरह की सक्रियता उनके राजनीतिक करियर की मजबूत नींव रख सकती है।
संक्षेप में, बिहार में राजनीतिक परिदृश्य अब धीरे-धीरे नए चेहरे की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनके बेटे निशांत कुमार जदयू में शामिल होकर राज्यभर में दौरे करेंगे और जनता के बीच अपनी पहचान बनाएंगे। पार्टी नेताओं का समर्थन और वरिष्ठ नेताओं की सलाह उनके लिए आगे की राजनीति को सुगम बनाएगी। निशांत कुमार का यह कदम न सिर्फ उनकी राजनीतिक शुरुआत है बल्कि बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत भी माना जा रहा है।