1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 31, 2026, 8:51:11 PM
नीतीश की सुरक्षा बढ़ेगी - फ़ोटो रिपोर्टर
PATNA: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वे राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं और 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. एनडीए नेता बता रहे हैं कि राज्यसभा में शपथ लेने के बाद वे बिहार के सीएम का पद छोड़ देंगे।
लेकिन राज्यसभा में जाने के बाद भी नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभायेंगे. जेडीयू के साथ साथ बीजेपी के नेता भी सार्वजनिक तौर पर ये ऐलान कर चुके हैं कि नीतीश कुमार के निर्देशन में ही बिहार की सरकार चलती रहेगी. भले ही मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास ही क्यों न हो. बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है. हालांकि एनडीए सूत्र लगातार ये कह रहे हैं कि सम्राट चौधरी की ताजपोशी तय है.
नीतीश को मिलेगी वीवीआईपी सुरक्षा
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी उनकी सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं होगी, बल्कि इसे और मजबूत किया जाएगा। नीतीश कुमार को न सिर्फ बिहार सरकार की वीवीआईपी सुरक्षा मिलती रहेगी, बल्कि केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा में स्पेशल कमांडो की तैनाती करने जा रही है.
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक सीएम पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी. केंद्र सरकार की ओर से उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी जायेगी. इसके तहत उनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ या सीआईएसएफ के कमांडो की तैनाती की जायेगी.
बिहार के स्पेशल कमांडो भी रहेंगे तैनात
नीतीश कुमार की सुरक्षा में फिलहाल बिहार सरकार के स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) के जवान और अधिकारी तैनात हैं. स्पेशल सेक्योरिटी ग्रुप बिहार पुलिस का खास विंग है. इसका काम मुख्यमंत्री को सुरक्षा प्रदान करना है. नीतीश के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने के बाद भी स्पेशल सेक्योरिटी ग्रुप (SSG) की टीम उनके साथ तैनात रहेगी. आम तौर पर SSG सुरक्षा केवल मौजूदा मुख्यमंत्री को ही दी जाती है
SSG और Z+ सुरक्षा का डबल कवर
फिलहाल, मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार को SSG की विशेष सुरक्षा प्राप्त है। लेकिन पद छोड़ने के बाद उन्हें Z+ जैसी उच्चतम स्तर की सुरक्षा दी जाएगी. इसके साथ ही परंपरा से हटकर SSG सुरक्षा भी जारी रखी जाएगी. यह फैसला उनकी राजनीतिक अहमियत और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए लिया गया बताया जा रहा है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और मुख्यमंत्री पद छोड़ना, बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। यह कदम उन्हें राजनीति में प्रासंगिक बनाये रखने में अहम साबित हो सकता है।