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हर जिले में महिलाओं को मिलेगी मदद...सरकार की ये स्कीम बनाएगी आत्मनिर्भर

राज्य सरकार ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए वन स्टॉप सेंटर की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार के इस प्रयास से महिलाएं अपने हक-अधिकार के प्रति जागरूक हो रही हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 07, 2025, 11:01:49 AM

हर जिले में महिलाओं को मिलेगी मदद...सरकार की ये स्कीम बनाएगी आत्मनिर्भर

- फ़ोटो Google

Bihar News : राज्य सरकार ने महिलाओं पर हिंसा रोकने के लिए वन स्टॉप सेंटर की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से महिला हिंसा पर रोक लगाने और उन्हें त्वरित सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, महिलाओं को हक-अधिकार की जानकारी देने और वन स्टॉप सेंटर से मिलने वाली सहायता को लेकर जागरूक करने के लिए हर सप्ताह जिले के किसी पंचायत में जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।


राज्य सरकार का मानना है कि अगर वे जागरूक होंगी तो जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका लाभ उठा सकेंगी। गांव की महिलाएं इन सेंटरों से मिलने वाली लाभ के प्रति जागरूक नहीं होती हैं, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं होती। ऐसे में जब गांव की महिलाएं जागरूक होंगी तो जरूरत पड़ने पर इसका लाभ भी उठा सकेंगी। इसीलिए सरकार वन स्टॉप सेंटर की संख्या गांवों में बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। सरकार चाहती है कि हिंसा पीड़ित महिलाओं को न्याय या मदद के लिए भटकना नहीं पड़े, उन्हें एक ही जगह सभी आवश्क सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर सकें। 


सरकार के इस प्रयास से महिलाएं अपने हक-अधिकार के प्रति जागरूक हो रही हैं। साथ ही, किसी प्रकार की कानूनी सहायता एवं घरेलू हिंसा से किसी प्रकार की अन्य हिंसा के खिलाफ भी मुखकर होकर सामने आ रही हैं। राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसा बिहार में अभी 39 वन स्टॉप सेंटर चल रहे हैं, जहां चार हजार से अधिक महिलाओं को  चिकित्सकीय, कानूनी और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई गई है। इस सेंटर में पीड़ित महिलाओं को पांच दिनों तक रूकने की सुविधा भी दी जाती है। जरूरत पड़ने पर इसे दस दिनों तक बढ़ाया जा सकता है। वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य हिंसा से पीड़ित महिलाओं को तत्कान चिकित्सा सेवा, कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है।