1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 22, 2025, 10:12:16 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Patna News: दीवाली के दौरान बीते दो दिनों में पटाखों, दीयों और आतिशबाजी से पटना में 80 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। शहर के प्रमुख अस्पतालों एम्स, पीएमसीएच और IGIIMS में रात भर मरीजों की लाइन लगी रही। अधिकांश मामलों में हाथों पर जलन, चेहरे पर चोटें और आंखें बारूद की चपेट आई, हालांकि, अस्पतालों ने साफ किया कि किसी की जान नहीं गई है।
सबसे गंभीर मामला एम्स पटना का रहा, जहां एक युवक के पटाखे फोड़ते समय दोनों हाथ बुरी तरह से झुलस गए। प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. वीणा सिंह ने बताया कि सर्जरी के दौरान उसकी एक उंगली काटनी पड़ी। अस्पताल में पटाखों से घायल करीब 30 मरीज पहुंचे, जिनमें से 6 को भर्ती करना पड़ा। नेत्र विभाग में भी हड़कंप मचा, बारूद की चिंगारियों से 15 मरीजों की आंखें प्रभावित हुईं, जिनकी उम्र 8 से 40 साल के बीच थी। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मामलों में रोशनी पर असर पड़ा है, लेकिन समय पर इलाज से बचाव संभव हो पाया।
पीएमसीएच में सोमवार रात 15 मरीज पटाखों और दीयों की चपेट में आकर पहुंचे। अधीक्षक डॉ. आई.एस. ठाकुर ने बताया कि एक महिला के कपड़े दीए की आग से जल गए, जिसके कारण उसे भर्ती करना पड़ा। बाकी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इसी तरह, IGIIMS में 11 घायल आए, जिनमें हाथ, चेहरा और अन्य अंगों पर चोटें थीं। नेत्र रोग विभागों में पीएमसीएच और IGIIMS मिलाकर 15 मरीजों का इलाज चला।