1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 28, 2026, 2:10:22 PM
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Bihar news : बिहार के वैशाली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गंगा नदी में स्नान के दौरान दो मासूम लड़कियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालबाबा मठ के पास हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियां अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए गई थीं। स्नान के दौरान अचानक वे गहरे पानी में चली गईं, जहां तेज बहाव और नदी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों डूबने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा के कारण वे सफल नहीं हो सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही पलों में स्थिति गंभीर हो गई। बच्चियों के डूबते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना जुड़ावनपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चियों के शव को नदी से बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसा गहरे पानी में जाने और नदी के तेज बहाव के कारण हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए और बच्चों को बिना निगरानी के नदी में न जाने दिया जाए।
मृतक बच्चियों की पहचान राघोपुर पश्चिम पंचायत के चाई टोला निवासी रणजीत सिंह की 11 वर्षीय पुत्री रीना कुमारी और सुरेंद्र सिंह की 13 वर्षीय पुत्री सुरभि कुमारी के रूप में की गई है। दोनों बच्चियां अपने परिवार के साथ धार्मिक स्नान के लिए गंगा घाट गई थीं, लेकिन यह धार्मिक यात्रा एक दर्दनाक हादसे में बदल गई।
परिजनों ने बताया कि रीना कुमारी अपने पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी और कक्षा सातवीं की छात्रा थी। वह पढ़ाई में काफी होशियार थी और परिवार की उम्मीदों का केंद्र मानी जाती थी। वहीं सुरभि कुमारी अपने छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और कक्षा आठवीं में पढ़ती थी। दोनों बच्चियों की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। हर आंख नम है और लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह हादसा एक बार फिर गंगा स्नान के दौरान सावधानी और सुरक्षा उपायों की गंभीर जरूरत को उजागर करता है।