1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 15, 2025, 8:28:30 AM
तेजस्वी यादव - फ़ोटो रिपोर्टर
PM Modi Bihar Visit: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्णिया दौरे को निशाना बनाते हुए एक तीखा पत्र लिखा है। सोमवार को पूर्णिया में होने वाले इस दौरे से ठीक पहले जारी इस बयान में तेजस्वी ने स्थानीय समस्याओं से लेकर पुराने वादों की याद दिलाई है। उन्होंने कहा है कि मोदी जी को रैली स्थल से महज 2-3 किलोमीटर दूर की जर्जर ग्रामीण सड़कों, शिक्षकविहीन स्कूलों, बदहाल स्वास्थ्य केंद्रों और महिलाओं-युवाओं की परेशानियों पर नजर डालनी चाहिए।
तेजस्वी ने पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) का औचक निरीक्षण भी किया था, जहां उन्होंने आईसीयू की कमी, एक बेड पर कई मरीजों की व्यवस्था और डॉक्टरों की कमी जैसी खामियों को उजागर किया। उन्होंने इसे 'डबल जंगलराज' करार देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को 'अक्षम' बताया।
तेजस्वी ने रैलियों के खर्च पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक रैली से बिहार जैसे गरीब राज्य पर 100 करोड़ का बोझ पड़ता है, और अब तक की कई रैलियों से हजारों करोड़ खर्च हो चुके हैं। इस पैसे से स्कूलों की चारदीवारी, खेल मैदान, लड़कियों के लिए शौचालय, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर-दवाओं का इंतजाम हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी के दौरे से पहले शिक्षकों को पढ़ाने से हटाकर कंडक्टर बना दिया जाता है और सरकारी कर्मचारी, जीविका दीदियां, आशा-ममता कार्यकर्ता, शिक्षा मित्र, विकास मित्र व आंगनवाड़ी सेविकाओं को भीड़ जुटाने का टारगेट देकर तनाव दिया जाता है।
सबसे बड़ा तंज पुराने वादे पर है। तेजस्वी ने याद दिलाया कि 11.5 साल पहले मोदी ने इसी पूर्णिया से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। 'आपकी जुबान का क्या हुआ?' यह सवाल बिहार की राजनीति में फिर गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि क्या मोदी फिर चुनाव से पहले झूठे जुमले बेचने आ रहे हैं? केंद्र की 11 साल और बिहार में एनडीए की 20 साल की 'विफलताओं' को छिपाने के लिए 'जंगलराज' का नारा लगाकर जनमुद्दों को दबाने की कोशिश हो रही है। लेकिन बिहारवासी अब 'बनावटीपन' से वाकिफ हो चुके हैं, और झूठ अब नहीं चलेगा। बताते चलें कि पूर्णिया दौरे में मोदी 36,000 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिसमें पूर्णिया एयरपोर्ट का अंतरिम टर्मिनल भवन और पहली कमर्शियल फ्लाइट शामिल है। नेशनल मखाना बोर्ड का भी लॉन्च होगा।