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Bihar News: 80 वर्षीय मालकिन के लिए खतरनाक कोबरा के सामने मुर्गियों ने दिखाई बहादुरी, बची बुर्जुर्ग की जान; अब पूरे बिहार में चर्चा

Bihar News: बिहार के रोहतास में 80 वर्षीय महिला की जान 3 पालतू मुर्गियों ने खतरनाक कोबरा सांप से बचाई है। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू कर्मी अमरनाथ गुप्ता ने सांप को पकड़ा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 13, 2025, 2:17:24 PM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार के रोहतास जिले के डेहरी प्रखंड के बारहपत्थर इलाके में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान उसकी तीन पालतू मुर्गियों ने बचाई है। यह घटना तब हुई है जब उनके कच्चे घर में एक खतरनाक इंडियन स्पेक्टैकल्ड कोबरा घुस आया। यह घटना सुबह लगभग 4 बजे की है, उस समय महिला गहरी नींद में सो रही थी। सांप को देखते ही अचानक मुर्गियों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया, जिससे उनकी नींद टूटी। जैसे ही उन्होंने आंखें खोलीं, देखा कि घर के कोने में 5 फीट लंबा कोबरा फन फैलाए बैठा था।


इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए चुपके से घर से बाहर निकलकर अपने पड़ोसियों को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञ अमरनाथ गुप्ता को बुलाया। अमरनाथ ने मौके पर पहुंचकर कोबरा को सुरक्षित पकड़ा और एक डिब्बे में बंद कर जंगल में छोड़ दिया। इस रेस्क्यू के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई और कोबरा को देखकर लोगों में दहशत के साथ-साथ राहत भी थी कि भगवान की कृपा से यह बुजुर्ग महिला सुरक्षित बच गई।


महिला ने बताया कि वह 5 साल से इन मुर्गियों को पाल रही थीं लेकिन उन्हें कभी नहीं लगा था कि एक दिन यही मुर्गियां उनकी जान भी बचाएंगी। अगर मुर्गियों ने शोर न मचाया होता तो कोबरा का हमला जानलेवा हो सकता था और महिला को कुछ ही पलों में मौत की नींद सुला देता। यह घटना न केवल रोहतास बल्कि पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि ऐसी घटनाएं रोज-रोज नहीं घटती हैं।


इस मौके पर अमरनाथ गुप्ता ने बताया है कि पकड़ा गया सांप इंडियन स्पेक्टैकल्ड कोबरा था जो भारत के चार सबसे जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर इतना खतरनाक है कि इसकी मात्र एक बूंद से हाथी की भी जान जा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि कच्चे मकानों में मुर्गी, कबूतर या अन्य छोटे जानवर पालना जोखिम भरा है क्योंकि ये सांपों का पसंदीदा भोजन हैं। इनकी गंध सांपों को आकर्षित करती है। जिससे ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।


अमरनाथ ने यह भी बताया है कि सर्पदंश से मृत्यु होने पर बिहार सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है, बशर्ते शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं और झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों से बचें। क्योंकि अक्सर लोग झाड़-फूंक के चक्कर में अपनी जान गंवा बैठते हैं।


सर्पदंश की स्थिति में क्या करें?

तुरंत चिकित्सा सहायता लें: सांप काटने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं जहां एंटी-वेनम उपलब्ध हो। बिहार के जिला अस्पतालों में यह सुविधा मुफ्त है।

झाड़-फूंक से बचें: नवादा में एक महिला की सर्पदंश से मृत्यु इसलिए हो गई क्योंकि उसके परिजन झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए कारण हुई। अगर समय पर उसे अस्पताल ले जाया जाता तो जान बच सकती थी।

सांप को न छेड़ें: कोबरा जैसे जहरीले सांपों को खुद पकड़ने की कोशिश न करें, तुरंत विशेषज्ञों को बुलाएं।

मुआवजा प्रक्रिया: मृत्यु होने पर पोस्टमॉर्टम कराएं ताकि 4 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त हो सके।