1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 22 Dec 2025 07:40:04 AM IST
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Bihar News: राम-जानकी मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। मशरख–चकिया–शिवहर–सीतामढ़ी–भिट्ठा मोड़ तक एनएच-227ए और एनएच-227 के तहत करीब 146 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। सड़क के अलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद अब थीम इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआर पूरी होते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद टेंडर के माध्यम से निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।
अयोध्या से सीतामढ़ी तक 240 किमी लंबा राम-जानकी मार्ग
राम-जानकी मार्ग को कुल करीब 240 किलोमीटर लंबाई में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या से बिहार के सीतामढ़ी तक श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। बिहार में यह मार्ग मेहरौना घाट (यूपी-बिहार सीमा) से प्रवेश कर सिवान, सारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी जिलों से होकर भारत-नेपाल सीमा स्थित भिट्ठा मोड़ तक पहुंचेगा। इस फोरलेन सड़क के बन जाने से भगवान राम और माता सीता से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आवागमन आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
राम-जानकी फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण से न सिर्फ श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी, बल्कि इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार, परिवहन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सड़क किनारे होटल, ढाबा, पेट्रोल पंप और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
मेहरौना–सिवान और सिवान–मशरख खंडों का टेंडर पहले ही जारी
राम-जानकी मार्ग के तहत मेहरौना से सिवान तक 41 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए करीब 1254 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर हो चुका है। वहीं सिवान से मशरख तक 53 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए लगभग 1351 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन दोनों खंडों पर निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
बाकी हिस्सों की डीपीआर तैयार, हजारों करोड़ की परियोजना
मशरख से चकिया तथा शिवहर से सीतामढ़ी-भिट्ठा मोड़ तक के हिस्सों के अलाइनमेंट को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। वर्तमान में इन खंडों की डीपीआर बनाई जा रही है। मशरख से चकिया तक करीब 45 किलोमीटर लंबे हिस्से पर करीब 1450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि चकिया से सीतामढ़ी भिट्ठा मोड़ तक लगभग 101 किलोमीटर लंबे खंड के निर्माण पर करीब 2100 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है।
कुल मिलाकर, राम-जानकी फोरलेन परियोजना बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आस्था, विकास और कनेक्टिविटी का मजबूत सेतु साबित होगी, जिससे आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र को बड़ा आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलने की उम्मीद है।