1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Tue, 23 Dec 2025 03:36:35 PM IST
केस से नाम हटाने का खेल - फ़ोटो social media
SIWAN: बिहार में घूसखोरों के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई लगातार जारी है। आए दिन रिश्वत लेते घूसखोर पकड़े जा रहे हैं, इसके बावजूद लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस बार सीवान में घूसखोर निगरानी के हत्थे चढ़ा है। मंगलवार को सीवान जिले के सिसवन थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर (SI) कन्हैया सिंह को 40 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। सिसवन थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप चौक स्थित एक चाय की दुकान पर घूसखोर कन्हैया सिंह को निगरानी ने पकड़ा है।
बताया जाता है कि मामला एक जमीन के विवाद के जुड़ा हुआ है। सिसवन थाना क्षेत्र में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस केस से एक पक्ष का नाम हटाने और मामले को रफा-दफा करने के एवज में केस के आईओ कन्हैया सिंह ने पीड़ित से 40 हजार रुपये की मांग की थी। घूस मांगे जाने से परेशान पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना जाकर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज कराई थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी ने एक विशेष टीम का गठन किया और महाराणा प्रताप चौक स्थित चाय की दुकान पर रंगे हाथ 40 हजार रुपये घूस लेते दारोगा कन्हैया सिंह को गिरफ्तार किया। निगरानी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। गिरफ्तारी के बाद दारोगा कन्हैया से पूछताछ की जा रही है। जिसके बाद पटना लेकर टीम रवाना होगी जहां निगरानी की विशेष कोर्ट में उसे पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वही निगरानी की दूसरी कार्रवाई पटना के मसौढ़ी में देखने को मिली। जहां टीम के सदस्यों ने घूसखोर राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पूरा मामला मसौढ़ी अंचल से जुड़ा है, जहां मंगलवार को कार्यालय खुलते ही टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी का नाम राजा कुमार है, जो मसौढ़ी अंचल के भदौरा मौजा में तैनात हैं। उन्हें परिमार्जन के नाम पर रिश्वत लेते हुए 1 लाख रुपये के साथ दबोचा गया।
निगरानी विभाग के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि राजा कुमार पर आरोप था कि वह पीड़ित को कई महीनों से टहला रहे थे और काम करने में बाधा डाल रहे थे। ढाई लाख रुपये की रिश्वत पर बातचीत चल रही थी, लेकिन शिकायतकर्ता मंगलवार को 1 लाख रुपये देने पहुंचे। निगरानी टीम ने पूरी योजना के तहत उन्हें ट्रैप किया और रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लगभग 11 एकड़ जमीन के परिमार्जन के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
डीएसपी वसीम फिरोज ने कहा, “शिकायतकर्ता ने बताया कि दो लाख रुपये परिमार्जन के लिए मांगे गए थे, लेकिन एक लाख रुपये में बात तय हुई। सत्यापन के बाद मामला सही पाया गया और राजा कुमार को गिरफ्तार किया गया।” निगरानी टीम ने सभी साक्ष्य जुटाते हुए राजस्व कर्मचारी को अपने साथ ले लिया। इस कार्रवाई में डीएसपी के साथ तीन इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल शामिल थे। मसौढ़ी अंचल के प्रखंड और अंचल कार्यालय में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है।


