1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2026, 3:08:40 PM
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Bihar Board Result 2026: बिहार बोर्ड के छात्रों के लिए इस बार बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Bihar Board Result 2026 से पहले ही टॉप करने वाले छात्रों को मिलने वाले इनाम में बड़ा इजाफा कर दिया गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 10वीं और 12वीं के टॉपर्स के लिए प्राइज मनी को दोगुना कर दिया है, साथ ही स्कॉलरशिप की रकम भी बढ़ा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, बिहार बोर्ड 10वीं और 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है और रिजल्ट कभी भी जारी किया जा सकता है। इसी बीच बोर्ड ने छात्रों के लिए यह बड़ा ऐलान किया है, जिससे टॉपर्स को पहले से ज्यादा फायदा मिलेगा।
अब बिहार बोर्ड के टॉपर्स को पहले की तुलना में दोगुनी प्राइज मनी मिलेगी। पहले जहां टॉप करने वाले छात्रों को 1 लाख रुपये दिए जाते थे, अब यह राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। यानी पहली रैंक हासिल करने वाले छात्र को सीधे 2 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।
वहीं दूसरी और तीसरी रैंक पाने वाले छात्रों के लिए भी इनाम बढ़ाया गया है। दूसरे स्थान पर आने वाले छात्र को अब 1.5 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले छात्र को 1 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा चौथी से लेकर 10वीं रैंक तक के छात्रों को पहले 10 हजार रुपये मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है।
बिहार बोर्ड हर साल टॉप 10 रैंक में आने वाले छात्रों को यह प्राइज मनी देता है। पिछले साल की बात करें तो टॉप 10 मेरिट लिस्ट में कुल 123 छात्र शामिल थे, जिन्हें इस योजना का लाभ मिला था।
सिर्फ प्राइज मनी ही नहीं, बल्कि स्कॉलरशिप में भी बड़ा इजाफा किया गया है। बिहार बोर्ड की ओर से चलाई जा रही देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेरिट स्कॉलरशिप योजना के तहत टॉपर्स को मिलने वाली मासिक राशि बढ़ा दी गई है।
पहले इस योजना के तहत छात्रों को हर महीने 1200 रुपये मिलते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह स्कॉलरशिप 10वीं के टॉपर्स को दी जाती है, जो उन्हें 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान मिलती है।
अगर कोई छात्र 10वीं के बाद टेक्निकल या डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेता है, तो उसे यह स्कॉलरशिप कोर्स पूरा होने तक मिलती रहती है। इससे छात्रों को आगे की पढ़ाई में आर्थिक मदद मिलेगी और वे बिना किसी परेशानी के अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे।
बिहार बोर्ड के इस फैसले से मेधावी छात्रों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा भी मिलेगी। अब छात्र न सिर्फ अच्छे नंबर लाने के लिए मेहनत करेंगे, बल्कि उन्हें इसके बदले पहले से ज्यादा आर्थिक लाभ भी मिलेगा।