Hindi News / career / Bihar News: संविदा पर काम कर रहे सर्वेक्षण कर्मचारियों की हड़ताल पड़ी भारी,...

Bihar News: संविदा पर काम कर रहे सर्वेक्षण कर्मचारियों की हड़ताल पड़ी भारी, नए बहाली की प्रक्रिया जल्द शुरु

Bihar News: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत काम कर रहे संविदा विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने उन 7480 संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 08, 2025, 10:43:25 AM

Bihar News

बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत काम कर रहे संविदा विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने उन 7480 संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जिन्होंने हड़ताल के बावजूद निर्धारित समय सीमा में काम पर वापसी नहीं की थी। अब इन खाली पड़े पदों पर नई बहाली प्रक्रिया की तैयारी शुरू हो गई है, जो सितंबर 2025 के अंत तक शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि नियोजन प्रक्रिया साल के अंत तक पूरी हो जाएगी।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधीन विशेष सर्वेक्षण अभियान के तहत नियुक्त संविदा कर्मियों की एक बड़ी संख्या वेतन विसंगति, स्थायीत्व और अन्य सुविधाओं को लेकर लंबे समय से नाराज चल रही थी। इन्हीं मांगों को लेकर राज्यभर के हजारों संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। सरकार की ओर से तीन सितंबर 2025 की शाम 5 बजे तक का समय दिया गया था कि सभी हड़ताली कर्मचारी ड्यूटी पर लौटें, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के बाद 3295 कर्मी वापस काम पर लौट आए, जबकि 7480 कर्मी हड़ताल पर डटे रहे।


राज्य के भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने हड़ताल न तोड़ने वाले सभी 7480 कर्मियों की संविदा औपचारिक रूप से समाप्त कर दी है। इसके साथ ही उनके पदों को रिक्त घोषित कर दिया गया है और इन पदों पर नवीन बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विज्ञापन प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है, जिसके माध्यम से राज्यभर से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।


हड़ताल कर रहे संविदा कर्मियों का कहना था कि उनसे स्थायी कर्मियों की तरह कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो न्यूनतम वेतनमान, न ESIC/EPF जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, वर्षों की सेवा के बाद भी नौकरी की स्थिरता और सुरक्षा नहीं मिल रही है। कर्मियों की यह भी मांग थी कि उनकी सेवाओं को नियमित किया जाए, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके और भविष्य सुरक्षित हो।


विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को बिहार सरकार ने भू-अभिलेख सुधार, भूमि की मैपिंग, ऑनलाइन रिकॉर्डिंग, म्यूटेशन, और राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण जैसी परियोजनाओं के लिए नियुक्त किया था। ये कर्मी ज़मीन से जुड़ी सरकारी परियोजनाओं में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे थे। सितंबर अंत तक रिक्त पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। इस बार सरकार योग्यता, तकनीकी दक्षता और अनुभव के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया करेगी। राज्य के विभिन्न ज़िलों से हज़ारों नए आवेदकों के आवेदन आने की संभावना है।