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Short Term Courses After 12th: 12वीं के बाद करियर की नई राह: शॉर्ट-टर्म कोर्स से जल्दी नौकरी और बढ़िया सैलरी

Short Term Courses After 12th: 12वीं के बाद अगर आप जल्दी नौकरी करना चाहते हैं तो शॉर्ट-टर्म कोर्स आपके लिए बेहतरीन मौका हैं। यूपी, एमपी और सीबीएसई समेत कई बोर्ड ने 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है, और अब समय है करियर की दिशा तय करने करने का है |

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 17, 2025, 7:46:18 AM

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12वीं के बाद शोर्ट टर्म कोर्स - फ़ोटो Google

Short Term Courses After 12th: 12वीं कक्षा के नतीजे आ चुके हैं और अब छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आगे क्या किया जाए। यदि आप जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं और कम समय में करियर शुरू करने की सोच रहे हैं, तो शॉर्ट-टर्म कोर्स आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ये कोर्स 3 महीने से 12 महीने के भीतर पूरे हो जाते हैं और इनमें मुख्य रूप से इंडस्ट्री से जुड़े स्किल्स पर ध्यान दिया जाता है, जिससे छात्रों को जल्दी रोजगार के अवसर मिलते हैं।


आज के समय में आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल मार्केटिंग, डिजाइन और लैंग्वेज जैसे क्षेत्रों में शॉर्ट-टर्म कोर्स की भारी मांग है। डिजिटल मार्केटिंग कोर्स 3 से 6 महीने में पूरा किया जा सकता है और इसके जरिए 3 से 5 लाख रुपये सालाना तक की सैलरी मिल सकती है। इसी तरह वेब डिजाइनिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे कोर्स 6 से 12 महीने में पूरे हो जाते हैं और इनकी औसतन सैलरी 3 से 6 लाख रुपये तक होती है। कंप्यूटर एप्लीकेशन, टैली और GST, कंटेंट राइटिंग, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट, फोटोग्राफी, योगा ट्रेनिंग जैसे कोर्स भी छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।


जो छात्र हेल्थ सेक्टर में रुचि रखते हैं, उनके लिए मेडिकल लैब टेक्नीशियन कोर्स (DMLT) और हॉस्पिटैलिटी एवं होटल मैनेजमेंट कोर्स अच्छे विकल्प हैं। वहीं, एयर होस्टेस और कैबिन क्रू जैसे कोर्स फिजिकली फिट छात्रों के लिए शानदार करियर विकल्प बन सकते हैं, जिनमें 4 से 7 लाख रुपये तक की सालाना सैलरी मिल सकती है।


इन कोर्सों को पारंपरिक क्लासरूम के साथ-साथ ऑनलाइन भी किया जा सकता है। Coursera, UniAthena, UpGrad, Kraftshala जैसे प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल मार्केटिंग, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, वेब डेवलपमेंट जैसे सर्टिफिकेट प्रोग्राम उपलब्ध हैं। ऑनलाइन कोर्स करने से छात्रों को लचीलापन मिलता है और वे अपने समय के अनुसार सीख सकते हैं।


सरकारी और निजी स्तर पर भी स्किल डिवेलपमेंट की दिशा में कई पहल हो रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस साल से छह विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। गुजरात कौशल विश्वविद्यालय ने iFactory Lab शुरू किया है जहां छात्रों को रोबोटिक्स, IoT और डेटा एनालिटिक्स जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं तमिलनाडु सरकार ने पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग आधारित डिप्लोमा प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग का अनुभव भी मिलेगा।


इस तरह शॉर्ट-टर्म कोर्स कम समय में स्किल डिवेलपमेंट और रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। यदि सही कोर्स का चुनाव किया जाए, तो ये कोर्स न सिर्फ जॉब दिला सकते हैं, बल्कि एक अच्छे करियर की नींव भी रख सकते हैं। ऐसे में छात्रों को अपने रुचि और क्षमता के अनुसार इन कोर्सों का चयन करना चाहिए, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और प्रोफेशनल दुनिया में सफल हो सकें।