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SSC की सख्ती: सोशल मीडिया पर पेपर डिस्कशन पर रोक, उल्लंघन किया तो होगी जेल और देना होगा 1 करोड़ का जुर्माना

SSC Notice: SSC ने परीक्षाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर पेपर डिस्कशन पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। उल्लंघन करने पर जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sep 09, 2025, 1:33:04 PM

SSC Notice

- फ़ोटो Google

SSC Notice: कर्मचारी चयन आयोग ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या कोचिंग संस्थान द्वारा चालू परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों पर सोशल मीडिया पर चर्चा, विश्लेषण या कोई भी सामग्री साझा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।


SSC ने अपने नोटिस में कहा है कि उसके संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ लोग और कोचिंग संस्थान परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्रों का विश्लेषण और चर्चा सोशल मीडिया पर कर रहे हैं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर असर पड़ रहा है। यह गतिविधि अब पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 (PEA Act 2024) के तहत गैरकानूनी घोषित की गई है।


इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसे3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। कोचिंग संस्थानों के लिए दंड और भी सख्त हैं। जिसके तहत 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, ब्लैकलिस्टिंग और भविष्य की SSC परीक्षाओं से बाहर किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।


यदि मामला संगठित अपराध की श्रेणी में आता है, तो सजा और अधिक गंभीर होगी। इस अपराध के लिए 5 से 10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना तय किया गया है। SSC का यह फैसला हाल के उन मामलों के बाद आया है, जहां परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और उनके विश्लेषण सोशल मीडिया पर खुलेआम साझा किए जा रहे थे। 


इससे परीक्षा की गोपनीयता और ईमानदारी पर सवाल उठने लगे थे। कई उम्मीदवारों ने इस पर आपत्ति जताई थी कि ऐसा करना मेहनती छात्रों के साथ अन्याय है। आयोग ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में अगर कोई व्यक्ति या संस्था इस नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़ी जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार का सोशल मीडिया पेपर डिस्कशन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।