1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 04, 2026, 4:36:54 PM
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Bihar News: बिहार में अब ड्रग्स और शराब के अवैध कारोबार करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए हर जिले में एक विशेष नारकोटिक्स थाना खोलने का फैसला किया है। यह थाना सिर्फ ड्रग्स और शराब से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए काम करेगा। इससे नशे का कारोबार करने वालों पर सीधा वार होगा और मामलों की जांच पहले से कहीं ज्यादा तेजी से हो सकेगी।
दरअसल, सरकार ने हाल ही में मद्य निषेध और नारकोटिक्स से जुड़ी इकाइयों को नया रूप दिया है। पहले ये इकाइयां आर्थिक अपराध इकाई और सीआईडी के तहत काम करती थीं, लेकिन अब इन्हें अलग कर एक नया और मजबूत ब्यूरो बनाया गया है। इस नए ब्यूरो का काम सिर्फ शराब और ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करना होगा। यानी अब पूरा फोकस सिर्फ नशे के धंधे को खत्म करने पर रहेगा।
राज्य स्तर पर विशेष थाने को मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि उसकी अधिसूचना जारी होने की प्रक्रिया अभी चल रही है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक ड्रग्स से जुड़े मामले आर्थिक अपराध इकाई में ही दर्ज हो रहे हैं। लेकिन सरकार की असली तैयारी जिला स्तर पर है। योजना है कि हर जिले में अलग नारकोटिक्स थाना खुले, ताकि पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने की ताकत मिल सके।
इस नई व्यवस्था की कमान एडीजी (मद्य निषेध) के हाथों में होगी। राज्यभर में पहले से काम कर रही 218 एंटी लीकर टास्क फोर्स (ALTF) को भी अब इसी नए ब्यूरो के अधीन कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि शराब और ड्रग्स के खिलाफ चलने वाले सभी अभियान अब एक ही कमांड के तहत होंगे। इससे कार्रवाई में तालमेल बेहतर होगा और नतीजे भी जल्दी सामने आएंगे।
सरकार ने इस मिशन को मजबूत बनाने के लिए 88 नए पद भी बनाए हैं। साथ ही 229 पुराने पदों को इस ब्यूरो में ट्रांसफर किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने की भी तैयारी है, ताकि ड्रग्स नेटवर्क को तकनीकी और खुफिया स्तर पर तोड़ा जा सके। आजकल ड्रग्स का नेटवर्क सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन और दूसरे राज्यों से जुड़ा होता है, इसलिए तकनीकी टीम की भूमिका काफी अहम होगी।
अभी कुछ तकनीकी कारणों से राज्यस्तरीय थाने में केस दर्ज करने में थोड़ी परेशानी आ रही है, लेकिन जैसे ही जिला स्तर पर नए थाने शुरू होंगे, पुलिस सीधे और तेजी से कार्रवाई कर सकेगी। इससे ड्रग्स सप्लायर, पेडलर और बड़े गिरोहों पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा।
सरकार जल्द ही जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली को लेकर नए आदेश जारी करेगी। माना जा रहा है कि यह फैसला बिहार में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो सकता है। इससे युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।