1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 11:53:18 AM
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बिहार से फ्लाइट पकड़कर मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे कुख्यात ‘चादर गैंग’ के 20 शातिर चोरों को पुलिस ने बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी करीब 1025 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के नैनीताल जिले से मिली, जिसके बाद इंदौर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को पकड़ लिया। यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी की तरह सामने आया, जिसमें एक मुखबिर की सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक साजिश नाकाम हो गई।
जानकारी के अनुसार बिहार से करीब 20 बदमाशों का एक गिरोह फ्लाइट से इंदौर पहुंचा था। ये सभी शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे और किसी बड़ी चोरी या वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने इनकी योजना पर पानी फेर दिया।
दरअसल इस पूरे मामले की शुरुआत उत्तराखंड के हल्द्वानी से हुई। नैनीताल पुलिस के एक विश्वसनीय मुखबिर ने सूचना दी कि बिहार के मोतिहारी चंपारण इलाके से जुड़े करीब 20 बदमाशों का गिरोह इंदौर पहुंचा हुआ है। बताया गया कि ये सभी एक होटल में ठहरे हैं और शहर में बड़ी चोरी की योजना बना रहे हैं।
मुखबिर से यह जानकारी नैनीताल पुलिस के एसओजी में पहले तैनात रह चुके एक सिपाही तक पहुंची। सिपाही ने बिना देर किए यह सूचना इंदौर पुलिस को दे दी और गिरोह के ठिकाने की सटीक लोकेशन भी साझा कर दी। इसके बाद इंदौर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और बताए गए होटल में दबिश दी।
पुलिस की टीम ने होटल को चारों तरफ से घेर लिया और एक-एक कर सभी 20 बदमाशों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि ये सभी कुख्यात ‘चादर गैंग’ से जुड़े हुए हैं, जो अलग-अलग राज्यों में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने के लिए बदनाम है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस गिरोह की चोरी करने की शैली काफी अलग और चालाकी भरी होती है। वारदात के दौरान ये लोग बड़ी चादर का इस्तेमाल करते हैं। जिस जगह पर चोरी करनी होती है, वहां ये लोग बड़ी चादर तानकर पूरे इलाके को ढक देते हैं, ताकि बाहर से कोई देख न सके कि अंदर क्या हो रहा है। इसके बाद आराम से ताला तोड़कर या दुकान में घुसकर चोरी कर लेते हैं और मौके से फरार हो जाते हैं।
इंदौर पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी बिहार के मोतिहारी चंपारण और नेपाल के पटेर्वा, जीतपुरा, नुचटा और सुवेठिया इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये सभी फ्लाइट के जरिए इंदौर पहुंचे थे और एक होटल में ठहरकर शहर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह गिरोह उत्तराखंड के हल्द्वानी और नैनीताल में भी कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है।
बताया जाता है कि करीब चार साल पहले हल्द्वानी में डीएम आवास के पास स्थित एक मोबाइल शोरूम में करोड़ों रुपये की चोरी की घटना को भी इसी गिरोह ने अंजाम दिया था। इसके अलावा नैनीताल के प्रसिद्ध नंदा देवी मेले में भी चेन स्नेचिंग की कई घटनाओं में इस गैंग का नाम सामने आया था।
इंदौर के एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंदौर में इनके स्थानीय संपर्क कौन-कौन थे और ये लोग किस तरह की वारदात को अंजाम देने वाले थे।